रीवा lरीवा में कई हास्पिटल और नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं। इन सभी में दवा दुकानें भी संचालित हो रही है। इन दवाइयों की जांच करने का ही अब अभियान शुरू किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को ड्रग इंस्पेक्टर और एक राजस्व अधिकारी ने बरा रिलायंस पेट्रोल पंप के पास संचालित शांति नर्सिंग होम में रेड मारी। नर्सिंग होम में टीम के पहुंचते ही हड़कंप मच गया। ड्रग इंस्पेक्टर ने दवा दुकान में रखी दवाइयों की जांच की। साथ ही दवाइयों के रिकार्ड भी चेक किए हंै। इस मामले में कार्रवाई क्या हुई, कितने सैम्पल जब्त किए गए। इसकी जानकारी नहीं लग पाई है। ड्रग इंस्पेक्टर से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं हो पाई। इस कार्रवाई के बाद से अब यह तो यह है कि अगला टारगेट नर्सिंग होम और क्लीनिक में संचालित दवा दुकान हैं। इन दवा दुकानों में आज तक किसी भी तरह की जांच नहीं हुई। अस्पताल और नर्सिंग होम में कैसी दवाइयां मरीजों को दी जा रही हैं। इसकी जांच करने की पहल तक किसी ने नहीं की। अब इस अभियान के तहत ही इनका भी भांडा फूटेगा।
इसलिए सीज की गई दुकानें
सिरमौर चौराहा और अस्पताल चौराहा में ताबड़तोड़ कार्रवाई कर 11 दवा दुकानों को सीज किा गया। इसमें शिवम मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट और प्रोपराइटर अनुपस्थित मिले, क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड भी अद्यतन नहीं मिला। इसी प्रकार अमित मेडिकल स्टोरए अवध मेडिकल स्टोरए विशाल मेडिकल स्टोर में क्रय-विक्रय रिकॉर्ड अद्यतन एवं संधारित नहीं थे। विशाल मेडिकल में फार्मासिस्ट भी अनुपस्थित पाया गया। अनंत मेडिकल स्टोरए ओम मेडिकल स्टोर, इंडियन फार्मेसी में प्रोपराइटर,फार्मासिस्ट की अनिवार्य उपस्थिति नहीं पाई गई। इंडियन फार्मेसी में लाइसेंस का प्रदर्शन भी नहीं किया गया था। निरीक्षण दल के समक्ष श्री मेडिकल स्टोर, मुकेश मेडिकल स्टोर एवं एजेंसी, शिव मेडिकल द्वारा लाइसेंस की प्रति प्रस्तुत नहीं की गई, मुकेश मेडिकल स्टोर का लाइसेंस नवीनीकृत नहीं था, और इन दुकानों पर एक्सपायरी दवाइयों का संग्रहण भी मिला। इसी तरह राम मेडिकल, अभिषेक मेडिकल और कमल मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट की उपस्थिति तो मिली, लेकिन उनके रिकॉर्ड अद्यतन नहीं थे। इन तीनों को रिकॉर्ड तुरंत अपडेट करने के लिए नोटिस जारी किया गया है