प्रशिक्षित स्टाफ की कमी से नहीं लग पाए स्मार्ट मीटर, मप्र विद्युत नियामक आयोग का फैसला, 31 मार्च 2028 तक बढ़ाई मीटर लगाने की अवधि


कटनी, यशभारत। जिले में प्रशिक्षित स्टाफ की कमी की वजह से बिजली उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने की चाल सुस्त है। मप्र विद्युत नियामक आयोग के एक फैसले के बाद बिजली उपभोक्ताओं और पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को राहत मिली है। अब ये स्मार्ट मीटर 31 मार्च 2028 तक लगाए जा सकेंगे। इससे पहले यह अवधि 31 दिसंबर 2024 निर्धारित की गई थी। दरअसल पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी डिस्कॉम्स समेत प्रदेश में कार्यरत अन्य कंपनियों ने आयोग से स्मार्ट मीटर लगाने की अनिवार्यता की अवधि बढ़ाने की अनुमति मांगी थी। डिस्कॉम ने तर्क दिया था कि स्मार्ट मीटर मात्र बिजली खपत मापने का एक यंत्र नहीं है, बल्कि एक वृहद विद्युत प्रणाली है। इसमें मीटर डेटा मैनेजमेंट, बिलिंग, सर्वर आदि का एकीकरण आवश्यक है। इसके लिए कंपनियों के पास प्रशिक्षित स्टाफ की कमी है। आयोग ने अपने एक आदेश में अवधि बढ़ाने की अनुमति दी है। मालूम हो कि आरडीएसएस योजना के तहत मप्र सहित देशभर में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। अकेले कटनी शहर में 90 हजार से ज्यादा बिजली उपभोक्ता है, जिसमे से अब तक लगभग आधे उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा सके हैं। जिले में यह संख्या लाखों में है।
यह भी तर्क दिए गए
फिलहाल कटनी जिला समेत पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटर की कमी बनी हुई है। आरडीएसएस योजना के तहत मीटरिंग प्रोजेक्ट में कई समस्याएं हैं। टेंडर प्रक्रिया में देरी हो रही है। अलग-अलग डिस्कॉम्स की अपनी-अपनी समस्याएं हैं। बिजली कंपनियां शहरी क्षेत्र में नए कनेक्शन के तहत स्मार्ट मीटर न होने पर सामान्य मीटर भी लगा सकेंगी। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र में नॉन-स्मार्ट मीटर लगाए जा सकते हैं। अब पुराने खराब, जले, रुके हुए मीटर भी अब 31 मार्च 2028 तक बदले जा सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि नियामक आयोग ने स्मार्ट मीटर लगाने की अवधि बढाने का अनुरोध मंजूर कर लिया है। डिस्कॉम में प्रशिक्षित स्टाफ के लिए 51 हजार पदों की नई भर्तियां भी की जा रही हैं। इसके लिए एक से डेढ़ साल लगेंगे।
इनका कहना है
स्मार्ट मीटर से लोगों के आधार खपत आदि की डीटेल सऊदी कंपनी अलफानार, यूएई की कंपनी इजिया सॉफ्ट और चीनी कंपनी से विदेशों में पहुंच जाएगी।
-राजेंद्र अग्रवाल, बिजली मामलों के जानकार
स्मार्ट मीटर को लगाने की अवधि बढ़ाना अच्छा है, लेकिन इसकी खामियों को भी ठीक किया जाना चाहिए।
-भूपेंद्र तिवारी, उपभोक्ता







