कटनीमध्य प्रदेश

पटरियां, पुल, फाटक और सिग्नल व्यवस्था देखी टीम ने, कटनी-मैहर रेलखंड में रेलवे की उच्च स्तरीय टीम ने किया निरीक्षण

कटनी, यशभारत। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल अंतर्गत कटनी-मैहर रेलखंड पर यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने बनाने के के उद्देश्य से विशेष सुरक्षा जांच सेफ्टी ऑडिट की गई। यह जांच रेलवे की वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय टीम द्वारा की गई, जिसका नेतृत्व प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी सीके प्रसाद ने किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य रेल पटरियों, पुलों, फाटकों, सिग्नल व्यवस्था और स्टेशन संचालन की वास्तविक स्थिति का आकलन कर संभावित खामियों को समय रहते दूर करना रहा। सुरक्षा जांच की शुरुआत जबलपुर स्टेशन से विशेष निरीक्षण ट्रेन के माध्यम से की गई। टीम सबसे पहले कटनी और पटवारा के बीच स्थित रेल लाइन के एक घुमावदार हिस्से पर पहुंची, जहां ट्रैक की मजबूती, संतुलन और तकनीकी मानकों की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने यह देखा कि घुमावदार क्षेत्र में रेल पटरियां भारी ट्रेनों के दबाव को किस तरह सहन कर रही हैं और कहीं कोई तकनीकी कमजोरी तो नहीं है। अमदरा स्टेशन पर निरीक्षण दल ने स्टेशन संचालन व्यवस्था, सिग्नल रूम, प्वाइंट और क्रॉसिंग तथा रेल पटरियों की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि ट्रेन संचालन के दौरान सिग्नल और ट्रैक से से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सुचारु और सुरक्षित है। बिजली आपूर्ति और छोटे पुलों का निरीक्षण
भदनपुर स्थित बिजली सप्लाई केंद्र, जहां से ट्रेनों को विद्युत आपूर्ति की जाती है, वहां भी टीम ने व्यवस्थाओं की जांच की। मैहर के पास स्थित एक छोटे पुल और फाटक नंबर 377 का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन और रखरखाव की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया। निरीक्षण के दौरान कटनी-पटवारा सेक्शन में स्थित एक बड़े रेल पुल का भी परीक्षण किया गया। पुल की संरचनात्मक स्थिति, सुरक्षा मानकों और रखरखाव कार्यों की गहन जांच की गई, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को रोका जा सके। इसके बाद टीम पटवारा-झुकेही रेलखंड पहुंची , जहां फाटक नंबर 358 का निरीक्षण किया गया। यहां फाटक की कार्यप्रणाली, सिग्नल सिस्टम, गेटमैन की सतर्कता और सुरक्षा इंतजामों को परखा गया।
चर्चा कर उठाए जाएंगे सुधारात्मक कदम
वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में निरीक्षण रिपोर्ट पर चर्चा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम तय किए जाएंगे। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की नियमित सुरक्षा जांच के दौरान बेहतर कार्य करने वाले कई रेल कर्मचारियों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़े और वे भविष्य में भी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें। गहन सुरक्षा जांच से रेल संचालन को सुरक्षित, भरोसेमंद और सुचारु बनाए रखने में मदद मिलती है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button