न पानी की व्यवस्था, न ही पर्याप्त रोशनी, टीन शेड तक नहीं
46 केंद्र गोदाम स्तरीय 43 केंद्र खुले मैदान में

कटनी- जिले में धान की खरीदी अव्यवस्था के बीच शुरू तो हो चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए खरीदी केंद्रों में न पानी की व्यवस्था है और न ही तौलाई के लिए पर्याप्त रोशनी। इतना ही नहीं जिस स्थान पर किसानों से धान खरीदा जा रहा है. वहां शेड तक नहीं है। जबकि कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा खरीदी केंद्रों में व्यवस्था बनाने लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। बताया गया है कि धान लेकर जो किसान खरीदी केंद्रों में पहुंच रहे हैं, वे अपने साथ पानी भी ला रहे हैं। किसानों के धान की तोलाई दिन ढलने के बाद भी की जा रही है। जिले के एक कई केंद्रों में बिजली का कनेक्शन नहीं है। यहां कर्मचारियों द्वारा कटिया फंसाकर बिजली की व्यवस्था की जा रही है या फिर बैटरी से बिजली जलाई जा रही है। अधिकांश खरीदी केंद्र गोदामो में तो कुछ खुले मैदान में बनाए गए हैं। ऐसे में खुले केंद्रों में उचित व्यवस्था नहीं है। जबकि समितियों को इसके लिए कमीशन के रूप में राशि दी जाती है। गौरतलब है कि अभी खरीदी की गति धीमी है। लेकिन जब धान लेकर ज्यादा संख्या में किसान केंद्रों में आएंगे तो यह अव्यवस्था और बढ़ जाएगी।
ठंड में ठिठुर रहे किसान
समिति प्रबंधकों ने खरीदी केंद्रों में अलाव की व्यवस्था नहीं की है। जिससे किसानों को रात में केंद्र में ठिठुरना पड़ रहा है। बताया गया है कि खरीदी केंद्रों में अलाव की व्यवस्था करने को कहा गया था। बताया गया है कि एक दिन में धान की तौलाई न हो पाने की वजह से किसानों को रात में खरीदी केंद्रों में रुकना पड़ रहा है। ऐसे में जलाकर ठंड से राहत पाने का प्रयास कर रहे हैं। किसान स्वयं लकड़ी या कचरा
धान के चोरी होने का खतरा
जिस स्थान पर धान की खरीदी की जा रही है, उस स्थान को चारों ओर से कवर्ड नहीं किया है, जिसकी वजह से रात में धान के चोरी होने का भी खतरा बना हुआ है। बताया गया है कि सभी खरीदी केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगाए गए हैं। जहां लगे भी हैं, वहां सभी कैमरे चालू हालत में नहीं हैं। इतना ही नहीं कई खरीदी केंद्र ऐसे भी हैं, जहां सिर्फ एक तरफ ही कैमरे लगाए गए हैं। जिससे पूरा खरीदी स्थल कवर नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि किसान केंद्रों में रुक कर अपनी धान की तकवारी कर रहे हैं।
अब 32 हजार क्विंटल खरीदी
जिले में गुरूवार की शाम तक 32 हजार क्विंटल मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। यह धान अभी दो दर्जन से ज्यादा किसानों ने बेची है। इस बार 475 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी का लक्ष्य लिया गया है। जिले में 89 केंद्रों में खरीदी की जानी है, जिसमें सभी केंद्र खुल चुके हैं।
लगभग 46 केंद्र गोदामों में औऱ 43 केंद्र खुले मैदान में स्थापित है। बहोरीबंद के 18 केंद्रों में 235 क़ि. तो बरही में 28 कि.खरीदी हुई हैं। बताया गया है कि खरीदी के विरुद्ध अभी तक धान का परिवहन नही हो सका है आज से कुछ केंद्रों में परिवहन की व्यवस्था शुरू हो सकेगी।







