डिंडोरी |हमारे मध्यप्रदेश की जीवन रेखा मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक के बाद पहला शहर डिंडोरी जिसमें मां नर्मदा का प्रथम प्रवेश होता है, जहां डिंडोरी जिले के आस्थावान भक्तों द्वारा मां नर्मदा को पूजन किया जाता है वहीं दूसरी ओर डिंडोरी मुख्यालय में पूरे शहर की गंदगी नालों का पानी मां नर्मदा में बहता रहा है जिसको लेकर बुद्धिजीवी वर्ग हमेशा से ही चिंतित रहा है पर प्रशासन और जनप्रतिनिधि के प्रयास धीमे-धीमे ही सही पर उन सात नालों के गंदे पानी को रोकने के लिए कार्य प्रारंभ किया जाना निर्धारित किया गया है। जिसकी जानकारी गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित प्रेस वार्ता में माँ नर्मदा में मिलने वाले गंदे नालों को रोकने की दिशा में शासन द्वारा की गई महत्वपूर्ण एवं बहुप्रतीक्षित पहल की जानकारी दी गई। इस समस्या को लेकर श्रद्धालुओं, नर्मदा परिक्रमावासियों, जनप्रतिनिधियों एवं नगरवासियों में लंबे समय से आक्रोश एवं चिंता व्याप्त थी। इस गंभीर विषय को दृष्टिगत रखते हुए आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं प्रमुख अभियंता एम.पी.यू.डी.सी., भोपाल को बार-बार नगर की समस्याओं से अवगत कराया गया। साथ ही ए.सी.एस. को डी.ओ. पत्र के माध्यम से भी इस विषय की विस्तृत जानकारी प्रेषित की गई।
शासन द्वारा समस्या को विशेष संज्ञान में लेते हुए 1 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से परियोजना स्वीकृत की गई है। परियोजना के अंतर्गत माँ नर्मदा के प्रवाह मार्ग के दक्षिण तट से मिलने वाले कुल 07 नालों को रोके जाने का कार्य किया जाएगा। इनमें चन्द्रविजय कॉलेज, ईमलीकुटी, रेहली मोहल्ला, गायत्री मंदिर, नर्मदा पुल, नर्मदा पुल एवं मंदिर के मध्य स्थित नाला तथा श्मशान घाट के पास स्थित नाला शामिल हैं।
परियोजना के अंतर्गत नालों पर रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया जाएगा। साथ ही चन्द्रविजय कॉलेज एवं श्मशान घाट के पास लिफ्टिंग पम्पिंग स्टेशन का निर्माण कर नालों के पानी को सीवर लाइन से जोड़ते हुए आर.टी.ओ. कार्यालय के पास पूर्व से संचालित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में भेजा जाएगा। शुद्ध किए गए पानी का उपयोग खेती-बाड़ी एवं अन्य व्यावसायिक कार्यों में किया जा सकेगा। 07 नालों में से 02 नालों में लिफ्टिंग पम्पिंग सिस्टम तथा 05 नालों में ग्रेविटी आधारित प्रणाली से कार्य किया जाएगा।
स्वीकृत परियोजना के अंतर्गत नववर्ष के प्रारंभ से ही मेसर्स जे.एम. रमानी एण्ड कम्पनी द्वारा कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। आवश्यक मशीनें कार्यस्थल पर पहुँच चुकी हैं। परियोजना को 03 माह में पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नर्मदा जयंती के पूर्व प्रथम चरण में 03 नालों को नर्मदा नदी में मिलने से रोकने का प्रयास किया जाएगा। प्रेस वार्ता में कलेक्टर ने बताया कि आगामी समय में नर्मदा के प्रवाह मार्ग के उत्तर तट के लिए भी प्रमुख सचिव महोदय से चर्चा उपरांत कार्ययोजना स्वीकृत कर कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।
प्रेस वार्ता में कलेक्टर ने कहा कि जनसहयोग से ही नगर का समग्र विकास संभव है तथा वर्ष 2026 में डिण्डौरी को स्वच्छ, साफ-सुथरा एवं पर्यावरण-अनुकूल नगर बनाने के लिए प्रशासन निरंतर प्रयासरत रहेगा। इसी के साथ कलेक्टर डिंडोरी ने समस्त जिले वासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं प्रेषित की।