मध्य प्रदेशराज्य

नक्सलियों का शांति वार्ता का दावा; लेटर आया सामने :  SP ने बताया भ्रामक; कहा – 2026 तक खत्म करेंगे नक्सलवाद

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मंडला lभारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नाम से एक पत्र सामने आया है। इसमें नक्सलियों ने सरकार के साथ शांति वार्ता के लिए अस्थायी तौर पर हथियारबंदी का ऐलान किया है। हालांकि, मंडला एसपी रजत सकलेचा ने इस पत्र को भ्रामक करार देते हुए कहा है कि नक्सली लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। लेटर में एक माह के लिए सीजफायर की घोषणा की गई है। इसमें खोजी अभियानों को रोकने की मांग करते हुए मुख्यधारा में शामिल होने की बात कही गई है। पत्र में संगठन के महासचिव सहित 28 साथियों की मौत और पिछले डेढ़ साल में सैकड़ों एनकाउंटर और हजारों सरेंडर के बाद यह फैसला लेने का दावा किया गया है। इसके अतिरिक्त, पत्र में जेल में बंद साथियों से सलाह-मशविरा करने और दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और बुद्धिजीवियों से सहयोग की अपील की गई है। नक्सलियों ने सरकार की सकारात्मक पहल पर शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का भरोसा भी जताया है। यह पत्र 15 अगस्त की तारीख अंकित कर भाकपा (माओवादी) के प्रवक्ता अभय की ओर से जारी करने का दावा करता है। इसमें एक फोटो, ईमेल आईडी और फेसबुक आईडी भी शामिल है।

पत्र भ्रामक, 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य

मंडला एसपी रजत सकलेचा ने इस पत्र को पूरी तरह भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि नक्सली इस तरह के दावों से लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके तहत सुरक्षा बल जंगलों में सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं।

एक साल में तीन मुठभेड़

पिछले एक साल में मंडला जिले में नक्सलियों से तीन बार आमना-सामना हुआ है। इनमें से एक मुठभेड़ में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की दो महिला नक्सली मारी गईं। एसपी ने बताया कि वनांचल क्षेत्रों में सड़क, नेटवर्क और मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, साथ ही जागरूकता शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। इन प्रयासों से नक्सलियों के प्रति लोगों की सहानुभूति कम हो रही है, जिससे वे दबाव में हैं। पत्र में नक्सलियों ने भी इस दबाव को स्वीकार किया है। पुलिस अधीक्षक ने सरकार की आत्मसमर्पण नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य है कि नक्सली आत्मसमर्पण कर देश के विकास में भागीदार बनें और मुख्यधारा में शामिल हों।

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