डिग्री होम्योपैथिक, इलाज कर रहे एलोपैथिक : चिकित्सक के विरुद्ध सख्त कार्यवाही

यशभारत डिंडौरी | जिले में अवैध रूप से चिकित्सा कार्य करने वाले झोला-छाप चिकित्सकों के विरुद्ध सघन कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में ग्राम रुसा में संचालित एक क्लीनिक की जांच के दौरान डॉ. अरुण चन्द्र बाला की डिग्री होम्योपैथी पाई गई, जबकि उनके पास एलोपैथिक दवाएं पाई गईं। नियमों के उल्लंघन पर एलोपैथिक दवाओं को जप्त कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की गई तथा क्लीनिक को सील किया गया।
यह कार्यवाही नायब तहसीलदार करंजिया शैलेश गौर, हल्का पटवारी विजय श्रीवास्तव, नंदकुमार परस्ते, शैलेन्द्र सिंह मार्को, कोटवार वीरेंद्र पड़वार एवं मेडिकल विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई। जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध ऐसी कार्यवाही आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
आपको बता दें कि डिंडोरी मुख्यालय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में दर्जनों झोलाछाप डॉक्टर जो 8वीं, 10वी, 12वी पढ़कर ऐलौपैथिक दवाईयां उपयोग कर रहे हैं महत्वपूर्ण यह है कि प्रशासन सब जानकर भी खामोश बैठा हुआ है जबकि करंजिया तहसीलदार लगातार झोलाछाप पर कार्यवाही कर रहे हैं। पुरानी डिंडोरी में झोलाछाप की बाढ़ सी आ गई है, जबकि समनापुर विकासखंड में बंगाली झोलाछाप डॉक्टर जगह जगह फेले हुए हैं। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन मुख्यालय पर संचालित झोलाछाप की अवैध क्लीनिक कब सील करते हैं।







