झिलमिलाते दीये… जगमगाती रोशनी…और चहुंओर उल्लास ही उल्लास, कटनी शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में उल्लास से मनाया जा रहा दीपोत्सव, घर घर हुआ लक्ष्मीपूजन, देर रात तक आतिशबाजी के सुंदर नजारे

कटनी, यशभारत। झिलमिलाते दीये… जगमगाती रोशनी…और चहुंओर उल्लास ही उल्लास। रोशनी का पर्व दीपोत्सव जिलेभर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कल शुभ मुहूर्त में वैभव सुख-समृद्धि की कामना के साथ महालक्ष्मी का पूजन किया गया। पूजन का मुहूर्त आज भी शाम तक है। ज्योतिष शास्त्रियों के मुताबिक शाम तक अमावस्या है, उसके बाद परीबा शुरू होगा, जो कल शाम तक चलेगा। गोवर्धन पूजा और अन्नकूट के कार्यक्रम कटनी शहर में कल आयोजित किए गए हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि 22 अक्टूबर को रात 08 बजकर 16 मिनट पर प्रारंभ होगी और 23 अक्टूबर को रात 10 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि में भाई दूज का त्योहार 23 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
कल सोमवार को घर घर लक्ष्मी पूजन के बाद दीये और आतिशबाजी से आसमान रोशन हो गया। सूर्योदय के साथ घर-घर में महालक्ष्मी के आगमन की तैयारियां शुरू हुई। हर द्वार पर सजे वंदनवार शुभागमन कर रहे थे। रंग-बिरंगी झालरें त्योहार की खुशियों में चार चांद लगा रही थी। सूरज ढलते ही आतिशबाजी का दौर शुरू हुआ। गली-मोहल्ले, कॉलोनी से मुख्य सड़क तक दीपावली का जश्न गगनभेदी आतिशबाजी के साथ मनाया गया। दुकानों-संस्थानों में दोपहर में मां की मनुहार की तो शाम को श्रद्धापूर्वक पूजा की गई। सुबह से बाजार में खरीदारी के लिए भीड़ रही। इस खुशी के मौके पर लोगों ने मिठाई बांटकर एक दूसरे को बधाई दी। बच्चों व युवाओं ने अपने दोस्तों के साथ खूब आतिशबाजी की। दीपावली को लेकर लोगों में उत्साह चरम पर रहा। दीवाली पर मंदिरों और देवालयों में भी लोग दर्शन और पूजन के लिए पहुंचे।
सुबह से दुकानों पर भीड़
शहर कटनी के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी सोमवार सुबह से हीं मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। शहर के स्टेशन रोड, मेन रोड, सुभाष चौक, झंडाबाजार, गोलबाजार, थाना तिराहा, सिल्वर टॉकीज रोड समेत बाजार के अन्य हिस्सों में में लोगों ने लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा, पूजा सामग्री , लाई-चूरा, फूल माला, ,सहित अन्य पूजन सामग्री की खरीदी की। जहां लोगों ने दिनभर जमकर खरीदारी की। उपनगरीय क्षेत्रों माधवनगर, एककेजे, आयुध निर्माणी, खिरहनी, समेत अन्य इलाकों में सूरज ढलने से पहले तक बाजारों में मेले जैसा माहौल रहा। सुबह से ही लोगों में दिवाली के प्रति उत्साह था। शाम होते ही मंदिर तथा घर बिजली की रोशनी में नहा गए।
फूलों की सजावट, रंगोली ने मन मोहा
दीपोत्सव के अवसर पर फूलों व रंगोली से घर की सजावट मनमोहक रही। इसके लिए लोगों ने तरह-तरह के प्रयोग किए। कुछ ने जहां रंग-बिरंगे फूलों से अपनी चौखट को सजाया तो कुछ ने रंगोली के माध्यम से अपनी प्रतिभा बिखेरी। कुछ ने मां लक्ष्मी व गणेश की आकृति बनाई तो कुछ ने प्राकृतिक दृश्य बनाया। रंगोली बनाने को लेकर बच्चियों में खासा उत्साह दिखा।
देवस्थानों पर भी जले घी के दीप
देवस्थानों पर भी प्रकाशोत्सव मनाया गया। विभिन्न देवालयों में शुद्ध घी के दिए जलाए गए। शहर के विभिन्न स्थानों पर सार्वजनिक रूप से लक्ष्मी गणेश की पूजा की गई। देश की समृद्धि व खुशहाली की कामना की गई। जगह- जगह प्रसाद का वितरण किया गया। हर तरफ चहल पहल व उल्लास का वातावरण रहा।
देर शाम तक चलती रही खरीदारी
दीपावली के दिन भी शहर के बाजार सुबह से ही सज गए थे। खरीदार भी सुबह से बाजार मेें निकलने शुरू हो गए और यह क्रम शाम तक चलता रहा। बुधवार को सर्वाधिक भीड़ लाइ-गट्टा, मिठाई व पटाखों की दुकानों पर देखने को मिली। सूखी मिठाइयों, ड्राई फ्रूट्स और बेसन व मोतीचूर के लड्डू के प्रति लोगों का विशेष रुझान दिखा। बच्चों ने जमकर मस्ती की।










