जबलपुरमध्य प्रदेश

जबलपुर साइंस यूनिवर्सिटी में ग्वालियर के छात्रों का विरोध प्रदर्शन

संबद्धता देने के बदले मांगे जा रहे रुपए

जबलपुर,यशभारत । जबलपुर साइंस यूनिवर्सिटी में ग्वालियर के छात्रों में नर्सिंग संचालकों ने विरोध प्रदर्शन का आरोप लगाया कि संबद्धता देने की आड़ में उनसे रुपयों की मांग की जा रही है । अचानक संबद्धता समाप्त करने लाखों छात्रों को अंधकार में है विश्वविद्यालय प्रशासन को यह कार्यवाही करने के पहले छात्रों के हित के बारे में सोचना था।मध्य प्रदेश के लगभग 100 से ज्यादा नर्सिंग कालेजों के सम्बधता 2020 विश्वविद्यालय द्वारा रोके जाने से कई हजार छात्र छात्राओं का भविस्य अंधकारमय हो गया है। छात्र मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। सभी संस्थाएं मध्य प्रदेश शासन नर्सिंग काउंसिल से मान्यता प्राप्त है एवं आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर को सम्बधाता आवेदन आनलाईन कर शुल्क का भुगतान कर चुके है। विश्वविद्यालय के लापरवाही से पूर्व रजिस्ट्रार द्वारा संस्थाओं का समय पर निरीक्षण, परीक्षण नही कराया गया उसके बाद निरीक्षण होने के बाद भी उक्त प्रभावित सभी संस्थाओं के सम्बधता का प्रकरण कार्यपरिसद में पूर्व रजिस्ट्रार ने नही रखा। इस पूरे प्रक्रिया में कालेजों या उनके यहाँ अध्ययन रत छात्रों का कोई दोस नही है। विश्वविद्यालय छात्रों के हित के लिये बना है। परन्तु दिनाँक 25 नवम्बर 2022 एवं 23 दिसम्बर 2022 के निर्णय से विश्वविद्यालय के कार्यसैली पर सवाल खड़े हुये है। कुछ निजी नर्सिग कालेज संचालक कार्यपरिसद सदस्य बन गये हैं। उनके द्वारा कालेज वालों से सम्बधता के बदले पैसे की माँग की जा रही है। पैसे न देने पर सुनील राठौर जैसे अयोग्य सदस्य सम्बधता देने का विरोध करते है। सुनील रौठौर खुद एक भवन में 5 कालेज का संचालन एवं उसी में अस्पताल का संचालन दिखा रहे जय इन्स्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, व्ही आई एस एम पैरा मेडिकल कालेज, व्ही आई एस एम बी पी टी कालेज, व्ही आई एस एम फार्मेसी कालेज व्ही आई एस एम बी एड डी एड कालेज, व्ही आई एस जनरल डिग्री कालेज एक ही कैम्पस एक ही भवन में फार्जी और सासन के नियमों के विरूध चल रहा है। सुनील राठौर के 3 कालेजों की सम्बधता एक ही भवन में मेडिकल विश्वविद्यालय ने जारी करके बड़ा गुनाह किया है। सुनील राठौर को विश्वविद्यालय के नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कालेजों के सम्बधता के निर्णय से बाहर रखा जाय । उसे ऐसे बैठकों में बुलाया जानों नियम विरूध है। उक्त व्यक्ति खुद अयोग्य है। उसने मैथ से पी एच डी किया है। उसकी कोई भी पढाई मेडिकल विसय में नहीं है। न ही ये किसी कालेज में प्राध्यापक है। इसके नियुक्ति के खिलाफ ग्वालियर हाई कोर्ट में केश चल रहा है। प्रदेश के सभी प्रभावित कालेजों 7 के छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुये सभी कालेजों को 2020 की सम्बधता प्रदान कर उनके छात्रों की परीक्षा कराई जाय एवं किसी भी संस्था की सिकायत पर वर्तमान सत्र 2022 में सख्ती से निरीक्षण कराके सम्बधता दिया जाये ।

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