जबलपुर: फर्जी बी.पी.एल. कार्ड घोटाले का खुलासा, एक पर FIR दर्ज, कई अधिकारी संदेह के घेरे में

जबलपुर, यश भारत।
थाना गोरखपुर क्षेत्र में बी.पी.एल. कार्ड बनवाने के नाम पर धोखाधड़ी और कूटरचना का बड़ा मामला सामने आया है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गोरखपुर के निर्देश पर सरिता कोष्टा (उर्फ पीहू कोष्टा, सही नाम पार्वती कोष्टा) के विरुद्ध धोखाधड़ी, कूटरचना एवं सरकारी दस्तावेजों के दुरुपयोग के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, तहसील गोरखपुर के हल्का पटवारी श्री प्रभात परौहा की शिकायत पर यह मामला पंजीबद्ध किया गया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि सरिता कोष्टा द्वारा कई व्यक्तियों से पैसे लेकर फर्जी वी.पी.एल./बी.पी.एल. कार्ड जारी किए गए, जिनमें अनुविभागीय अधिकारी (रा.) के हस्ताक्षर कूटरचित तरीके से किए गए थे।
जांच में सामने आए फर्जी कार्डधारी:
1. उर्मिला शर्मा
2. नेहा चक्रवर्ती
3. सोहेल यादव
4. प्रियंका बेन
5. रुक्मणी पटेल
6. किरण बर्मन
7. रिया केवट
जांच समिति में शामिल अधिकारियों ने बताया:
तहसीलदार एवं पटवारी द्वारा की गई जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उक्त कार्ड BPLMIS पोर्टल में पंजीकृत नहीं हैं एवं नगर निगम अथवा अनुविभागीय कार्यालय से जारी नहीं किए गए हैं।
जांच के दौरान आवेदकों के कथन, सीडी, कॉल रिकॉर्डिंग तथा अन्य दस्तावेज एकत्र किए गए। शिकायतों के आधार पर सरिता कोष्टा ने आवेदकों से अवैध रूप से राशि लेकर फर्जी कार्ड जारी किए थे।
संभावित संलिप्तता:
कार्यालय में पदस्थ कम्प्यूटर ऑपरेटर रितु रैकवार एवं उनके देवर राहुल बर्मन की भूमिका भी संदिग्ध बताई गई है। हालांकि कॉल रिकॉर्डिंग को छोड़कर इनके खिलाफ कोई ठोस दस्तावेजी साक्ष्य अभी तक नहीं मिले हैं। पुलिस जांच के उपरांत स्थिति स्पष्ट होगी।
कानूनी कार्रवाई:
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 338, 336(3), 340(2) BNS एवं IPC की धारा 420, 467, 468, 471 के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है। थाना गोरखपुर के सउनि श्री रविंद्र तिवारी द्वारा जांच की जा रही है, और आगे की विधिवत कार्रवाई प्रचलित है।







