मध्य प्रदेशराज्य

छात्र कल्याण के अधिष्ठाता को ही नहीं मालूम मृतक छात्र का नाम : मुआवजे की मांग को लेकर छात्रों ने घेरा विवि का दफ्तर

सागर यश भारत(संभागीय ब्यूरो)/डॉ हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में दुर्घटना में छात्र की मौत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मृतक तथा घायल छात्रों के लिए आर्थिक सहायता नहीं देने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में गौर यूथ फोरम ने धरना प्रदर्शन कर प्रशासन के सामने अपना विरोध दर्ज कराया है। वहीं विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता को मृतक छात्र का नाम ही पता नहीं होने के मामले में भी छात्रों ने उग्र रोष जताया है।

डॉ हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय,सागर  में पिछले दिनों फार्मेसी के एक प्रतिभावान विद्यार्थी आशीष अहिरवार की विवि परिसर में ही दुर्घटना में आकस्मिक मौत हो जाने और इस दुर्घटना में गंभीर घायल तीन अन्य  विद्यार्थियों को आर्थिक मदद व मुआवजा को लेकर गौर यूथ फोरम ने  विवि के प्रशासनिक भवन के सामने प्रदर्शन किया और धरना दिया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान विवि प्रशासन के खिलाफ हाय हाय और भृष्टाचार बंद करो की जमकर नारेबाजी की गई। इस दौरान प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर सभी अधिकारियों को अंदर से निकलने नहीं दिया गय।  बाद में विश्वविद्यालय की चीफ प्रॉक्टर प्रो चंदा बैन, डीएसडब्लू डीके नेमा और सुरक्षा अधिकारी डॉ राजेन्द्र यादव ने आकर ज्ञापन लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों को तब आश्चर्य हुआ जब डीएस डब्लू डी के नेमा को मृत विद्यार्थी का नाम तक नहीं पता था। इस बात से आक्रोशित फोरम के कार्यकर्ताओं ने डीएस डब्लू से इस्तीफा मांग धरा और प्रशासन को जमकर खरी खोटी सुनाई।
गौर यूथ फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा विवेक तिवारी ने कहा कि यह चिंतनीय और शर्मनाक है , जो भी बच्चे विवि में पढ़ रहे हैं उनकी नैतिक जिम्मेदारी भी विवि प्रशासन को लेना चाहिये।
फोरम की विवि इकाई के फार्मेसी के विद्यार्थियों ने बताया विश्वविद्यालय के वार्डन्स को छोड़कर कोई भी अन्य प्रशासनिक अधिकारी घायल विद्यार्थियों को देखने तक नहीं गये।
विवि परिक्षेत्र अध्यक्ष हिमांशु तिवारी और महामंत्री आशुतोष पाठक ने कहा कि विवि के प्रत्येक विद्यार्थी से मेडिकल फीस और इंश्योरेंस  शुल्क नियमित रूप से लिया जाता रहा है। स्टूडेंड वैलफेयर फंड में लाखों रुपये जमा हैं। लेकिन ये किसके कल्याण में खर्च हो रहे हैं ये किसी को नहीं पता। प्रशासन भी इस बात का जवाब नहीं दे रहा है।
फोरम का आरोप है कि विश्वविद्यालय ने आज तक किसी भी विद्यार्थी को इंश्योरेंस के रूप में कोई क्षतिपूर्ति नहीं दी है। इसके लिए हर साल जमा होने वाला लाखों रुपया कहाँ  जाता हैं किसी को नहीं पताI
फोरम की विवि इकाई की ओर से किये गये इस प्रदर्शन में रखी गई मांग को लेकर एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया गया है, अन्यथा की स्थिति में पुनः आन्दोलन की भूमिका बनायी जायेगी और माननीय न्यायालय में पिटीशन लगायी जावेगी  जिसमें विवि प्रशासन के जिम्मेदारों से जवाब मांगा जायेगा।
फोरम ने घोषणा की है कि दुर्घटना में मृत विद्यार्थी को मुआवजा और घायलों को मदद की मांग तथा विवि प्रशासन के कारनामे को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, PMO व देश की राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मू को भी अवगत कराया जायेगा
गौर यूथ फोरम के इस प्रदर्शन में हिमांशु तिवारी, अंशुल शर्मा, विश्वजीत सिंह, मयंक दुबे, आशुतोष पाठक, हर्षवर्धन मिश्रा, हरिशंकर चौरसिया, अतुल जायसवाल, हर्ष कुमार, प्रदीप, राजीव राज, भास्कर पांडेय, प्रतीक सिंह, आयुष झा  विशाल,  राहुल अहिरवार, आर्यन जैन आदि उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button