गैस संकट का असर : कई होटलों में शुरू हुई भट्टी, तीन-चार दिनों में बमुश्किल मिल पा रहा कमर्शियल सिलेंडर, यही हाल रहा तो बंद होने की कगार पर आ जांएगे छोटे होटल और रेस्टारेंट

कटनी, यशभारत। गैस संकट का असर अब दिखने लगा है। एक तरफ घरेलू गैस सिलेंडर के लिए मारामारी मची हुई है तो वहीं दूसरी तरफ कमर्शियल गैस सिलेंडर भी बमुश्किल मिल पा रहे हैं। इसका असर शहर के होटलों और रेस्टारेंट पर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। जानकारी के मुताबिक कई होटलों ने इस समस्या से निपटने के लिए भट्टी में खाना बनाना शुरू कर दिया है तो कई ने इसका इंतजाम अभी से शुरू कर दिया है। प्रशासन भले ही शहर में गैस की किल्लत नहीं होने का दावा करे लेकिन हकीकत कुछ ओर ही है। एजेंसियों में सिलेंडर के लिए लंबी लाइन लग रही है। कहीं केवायसी का झंझट है तो कहीं बुकिंग का। इस सबके बीच होटल व्यवसाय पर इसका असर दिख रहा है। यशभारत ने जब इसकी पड़ताल की तो यह बात सामने आई कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की इतनी किल्लत नहीं है, जितनी घरेलू गैस सिलेंडरों के लिए हाहाकार मचा हुआ है। होटल संचालकों ने बताया कि दो से तीन दिन में गाड़ी आ रही है। कमर्शियल गैस सिलेंडरों के लिए कुछ ज्यादा दाम चुकाने पड़ रहे हैं। यह भी पता चला है कि कुछ होटलों ने भट्टी पर खाना बनाना शुरू किया तो कई होटलों ने इसका अभी से इंतजाम करना शुरू कर दिया है। होटल संचालकों ने बताया कि यदि यही हाल रहा तो आने वाले समय में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। गैस संकट से सबसे ज्यादा परेशानी छोटे होटल और रेस्टारेंट चलाने वाले लोगों को हो रही है। उन्हें कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। जिन हॉकरों से वे कमर्शियल गैस सिलेंडर लेते हैं, वे अब उनका फोन तक नहीं उठा रहे हैं और जो दे रहे हैं, वे मनमाना रेट ले रहे हैं।
शहर में बढ़ी इंडक्शन चूल्हे की बिक्री
शहर में इंडक्शन चूल्हे की बिक्री बढ़ गई है। कुछ स्थानों पर 2400 का चूल्हा 2750 रुपए में बेचा जा रहा है। थोक विक्रेताओं का कहना है कि पहले ये कम ही बिकते थे लेकिन अब इसकी मांग बढ़ गई है। कंपनियों का स्टॉक कम हो गया है। ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर भी इंडक्शन चूल्हे आउट ऑफ स्टॉक हो गए हैं।
उपभोक्ताओं को परेशानी न हो : उपमुख्यमंत्री
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि जिलों में एलपीजी गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। इस बीच प्रदेश में गैस की कालाबाजारी रोकने प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। प्रदेश में 350 सिलेंडर जब्त कर केस दर्ज किए गए हैं। गैस संबंधी किसी भी दिक्कत को दूर करने के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किए गए हैं।
1500 रूपए में भी नहीं मिल पा रहा सिलेंडर
हाल ही में घरेलू गैस के दाम 940 रुपए हो गए हंै। कमर्शियल के 114 रुपए बढक़र 1900 रुपए के आसपास हो गए हैं। अब चूंकि कमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग, सप्लाई पर रोक लग गई है तो घरेलू सिलेंडरों की कालाबाजारी होने लगी है। लोगों ने बताया कि 1500 रूपए में भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा। जो लोग ज्यादा पैसा दे रहे, उन्हें सिलेंडर दिया जा रहा है। ऑनलाइन बुकिंग करने वालों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। शिकायत करने पर सर्वर क्रैश होने की बात सामने आ रही है।
दो ऐप से करें ई-केवाइसी
उपभोक्ता घर पर ही अपने मोबाइल से खुद ई-केवाइसी कर सकते हैं। इसके लिए उपभोक्ता को संबंधित पेट्रोलियम कंपनी का मोबाइल ऐप व आधार फेस आरडी ऐप डाउनलोड करना होगा। कंपनी के ऐप पर उपभोक्ता 16 अंक के रिलेशनशिप नंबर से खुद को रजिस्टर्ड करें। यहां ई-केवाइसी ऑप्शन पर जाकर प्रक्रिया शुरू करेंगे तो आधार फेस आईडी से वीडियो आधारित बायोमैट्रिक सत्यापन शुरू होगा। रोशनी, चेहरा रखकर पलक झपकाएं। यहां सत्यापन होने पर सक्सेसफुल का मैसेज आएगा।
कलेक्टर ने कहा : घरेलू रसोई गैस की कोई कमीं नहीं
कलेक्टर आशीष तिवारी ने कहा है कि जिले में घरेलू रसोई गैस की कोई कमीं नहीं है। उन्होंने उपभोक्ताओं से कहा है कि वे अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। जिला प्रशासन एलपीजी गैस सहित अन्य ईधनों के परिवहन, भंडारण और वितरण के प्रति पूरी तरह से सतर्क है। खाद्य विभाग के अधिकारियों को एलपीजी, अन्य ईंधन के परिवहन, भंडारण और वितरण व्यवस्था पर नजर रखने के लिए कहा गया है। कलेक्टर ने गैस एजेंसियों के प्रतिदिन के स्टाक जांच और गैस सिलेंडर वितरण कार्य की निगरानी करने अधिकारियों को निर्देशित किया है। अफसरों को हिदायत दी गई है कि वे सूचना तंत्र को पुख्ता और मजबूत कर सुनिश्चित करें कि अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी की कोई भी घटना नही हो।







