खुद को आजमाना और चैलेंज स्वीकार करना अच्छा लगता : सुंबुल तौकीर
साक्षात्कार : टीवी सीरियल इमली, काव्या और बिगबॉस फेम सुंबुल तौकीर से बातचीत

कटनी,यशभारत। नेवर गिव अप…. हमेशा कोशिश करते रहें, सीखना कभी न छोड़ें। यह कहना है स्टार प्लस की इमली और सोनी इंटरटेनमेंट चैनल में काव्या का लीड रोल निभाने वाली सुंबुल तौकीर का। अपनी अभिनय क्षमता के बल पर कटनी जैसे छोटे शहर से मुंबई जाकर मायानगरी में पहचान बना चुकी सुंबुल ने यशभारत के स्थानीय संपादक आशीष सोनी के साथ बातचीत में कहा कि कलर्स चैनल के रियलिटी शो बिगबॉस में मौका मिलने के लिए ग्रेटफुल हूं। कोई मुझे इमली कहता, कोई काव्या लेकिन बिगबॉस ने मुझे टेलीविजन की दुनियां में बड़ी पहचान दी। अपने बर्थडे को अपनी जन्मभूमि में सेलिब्रेट करने कटनी पहुंचीं सुंबुल तौकीर ने यशभारत के साथ अपनी जिंदगी से जुड़े अनेक अनुभव साझा किए।
वे कहती हैं लाइफ में बहुत स्ट्रगल है, लेकिन अपने एंबीशन को लेकर पेशन होना चाहिए। जीवन में प्लान बी रखने से आपको सफलता नहीं मिल सकती। वे कहती हैं मुझे खुद को आजमाना और चैलेंज स्वीकार करना अच्छा लगता है। सीरियल्स या फिल्मों में पॉजिटिव या नेगेटिव, हर तरह के रोल करने को तैयार हूं। जिस रोल में मुझे काम करने का मौका मिले, मैं वो चैलेंज लेना चाहूंगी। सुंबुल कहती हैं कि जब वे पिता के साथ मुंबई पहुंची तब उन्होंने सोचा नहीं था कि एक्टिंग की दुनिया में कदम रखेंगी, लेकिन 2 साल बाद डिसाइड किया कि एक्टिंग को ही अपनी जिंदगी बनाएंगी। वे कहती हैं आपमें में अगर टेलेंट है तो मुंबई की फिल्मी दुनियां में आपको काम मिलेगा। मेरी किस्मत ने भी मेरा साथ दिया। मैने कही से भी अभिनय की बारीकियां नहीं सीखी, बस जो दिल में फीलिंग्स आई, उन पात्रों को अपने अभिनय में जीती चली जाती हूं। बातचीत में वे साफ कहती हैं मेरा कोई आइकॉन नहीं है। मुझे अलग-अलग टाइप के किरदार एट्रेक्ट करते है। शुरुआत में कैमरे को देखकर कुछ नर्वस हुई, लेकिन अब पूरा कॉन्फिडेंस है। कोई नर्वसनेस नहीं आती।
पिता ने ही की देखभाल
सुंबुल तौकीर का जन्म 15 नवंबर 2003 को कटनी में हुआ था। उनके पिता तौकीर हसन खान टीवी सीरियल्स में कोरियोग्राफर हैं। सुंबुल की मां का निधन बचपन में ही हो गया था। उनकी एक छोटी बहन सानिया तौकीर है। सुंबुल की पढ़ाई अभी जारी है। वह अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अपने करियर को भी तवज्जो देते हुए आगे बढ़ ही है। उन्होंने कहा कि आज उन्होंने जो भी सफलता हासिल की है, वह उनके पिता की वजह से है। जब मैं 6 साल की थी तब से उन्होंने हमारी देखभाल करना शुरू कर दिया था। उन्होंने हम दोनों बहनों को अकेले ही पाला।
सलमान को देखकर दिमाग से सब गायब हो गया
सुंबुल कहती हैं कि बिगबॉस में सलमान खान जैसे बड़े एक्टर का साथ मिलना यादगार रहा। उनको देखकर मैं भूल ही गई कि मुझे क्या कहना है। जैसे दिमाग से सब गायब हो गया, लेकिन उन्होंने मुझ जैसे नए कलाकार को समझते हुए काफी सपोर्ट किया। उन्होंने कहा मेरा सपना है कि फिल्मों में आऊं।
सुंबुल का फिल्मी सफर
सुंबुल ने लोकप्रिय टीवी धारावाहिक जोधा अकबर में भी अभिनय किया, जहां उन्होंने मेहताब का किरदार निभाया था। 2016 में उन्होंने टीवी धारावाहिक वारिस में अभिनय किया। 2019 में सुंबुल ने इशारों इशारों में अभिनय किया और उसी वर्ष, वह सुपरहिट हिंदी फिल्म आर्टिकल 15 में दिखाई दीं, जो उनकी पहली फिल्म है। इस दौरान उन्होंने हिंदी शॉर्ट फिल्म घर की ज्योति में भी काम किया ।









