क्रिकेट सटोरियों की संपत्ति खंगालेगी पुलिस, दो नंबर की कमाई पर पुलिस की टेढ़ी नजर, अधिग्रहण भी होगा, पकड़े गए बुकीज से पुलिस को मिली कई अहम जानकारी

कटनी, यशभारत। सट्टेबाजों के लिए इंडियन प्रीमियर लीग यानि आईपीएल किसी त्योहार से कम नहीं है। आईपीएल का 19वां सीजन शुरू होते ही क्रिकेट सट्टे का खेल एक बार फिर शुरू हो गया है। टॉस से लेकर हार-जीत और हर ओवर की बॉल पर करोड़ों के दंाव लग रहे। बात कटनी की करें तो यहां माधवनगर क्षेत्र क्रिकेट सट्टे के लिए बदनाम होता जा रहा है। कम समय में अमीर बनने की चाहत में ज्यादातर युवा सटोरियों के झांसे में आकर इस गोरखधंधे में उतर आए हैं। कई बरबाद हो गए हैं तो कई बरबादी की कगार पर हैं तो कई पुलिस के निशाने पर हैं। क्रिकेट सट्टे के लिए बदनाम हो रहे कटनी और माधवनगर क्षेत्र में अब पुलिस की पैनी निगाह है। ऑनलाइन और ऑफलाइन क्रिकेट सट्टे पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए अब कटनी पुलिस पूरी तरह से एक्शन मोड पर नजर आ रही है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा इस पूरे अभियान की कमान खुद संभाल रहे हैं। एसपी के निर्देशन में अब तक इस अवैध कारोबार से जुड़े एक दर्जन से अधिक सटोरियों को हवालात के पीछे किया जा चुका है। इसमे एक बड़ी कार्रवाई भी शामिल है। पकड़े गए सटोरियों से पूछताछ के बाद पुलिस के हाथ कई अहम जानकारी लगी है। पुलिस अब क्रिकेट सट्टे के नेटवर्क को जड़ से उखाडऩे के लिए प्रयास कर रही है। एसपी का कहना है कि सटोरियों की चैन तोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। जिससे युवा पीढ़ी बरबाद होने से बच सके। बड़ी तादात में युवा वर्ग इस अवैध कारोबार से जुडक़र अपराध के चंगुल में फंस चुका है। एसपी ने कहा कि पकड़े गए सटोरियों की संपत्तियों की जांच कराई जाएगी और सम्पत्तियों को अधिग्रहण करने की कार्यवाही की जाएगी।
वेबसाइट में अलग-अलग नाम से ऑनलाइन एक्सचेंज
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि आईपीएल क्रिकेट सट्टे का पूरा खेल अब हाइटेक होकर ऑनलाइन हो गया है। आईपीएल में सट्टा खेलने के लिए कई वेबसाइट हैं। इसे आसानी से मोबाइल पर डाउनलोड करते हुए चलाया जा रहा है। महादेव, अन्ना, रेडी, शुभ लाभ, क्रिकेट 99 जैसी वेबसाइट्स पर सट्टा खेला और खिलाया जा रहा है, जो सट्टेबाजों के बीच प्रमुख रूप से लोकप्रिय हैं। ये वेबसाइट्स कुछ देश में और कुछ विदेशी सट्टेबाजों द्वारा संचालित की जा रही हैं। सट्टेबाजों का एक बड़ा वर्ग इन वेबसाइट्स पर पैसे लगा रहा है और मैच शुरू होने से पहले ही वेबसाइट्स पर भाव दिखाई देने लगते हैं। अपना अलग प्लेटफार्म और एक्सचेंज बनाकर धड़ल्ले से क्रिकेट सट्टा चलाए जाते है। इस वजह से ऑनलाइन खेल के फेर में सटोरियों को दबोचना पुलिस के लिए भी मुश्किल होता है।
हाईटेक मशीन से खेल
सटोरियों ने हाईटेक जमाने में खुद को भी हाईटेक कर लिया है। अब फोन पर कॉल या मैसेज के बजाय ज्यादातर बुकिंग वाट्सएप या अन्य इंटरनेट मीडिया साइट्स से ले रहे हैं। सट्टा खिलाने के लिए हाईटेक मशीनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे सीधे-सीधे बुकिंग हो जाती है। दांव जीतने पर पेमेंट की जानकारी भी इसी तरह से दी जा रही है। ऑनलाइन पेमेंट भी आसानी से कर सकते हैं। पूरे आईपीएल सीजन में हर गेंद पर करोड़ों के दांव लगते हैं और पुलिस महज चंद छुटभैयों के परों में ताले डालकर समूची जांच की इतिश्री कर देती है। माधवनगर और कटनी का बिलैया तलैया सब्जी मंडी क्षेत्र इसका गढ़ बना हुआ है। इस खेल में कई बड़े नाम शामिल हैं, जिसमे कई सफेदपोश भी शामिल है।
इनका कहना है
पुलिस ने आईपीएल क्रिकेट सट्टेंबाजों को पकडऩे में सफलता हासिल की है। इनका नेटवर्क कई राज्यो तक फैला हुआ है। महानगरों के होटलों में किराए पर कमरे लेकर लेपटॉप, कम्प्यूटर और मोबाईल के माध्यम से सट्टा खिलवाया जा रहा है। पुलिस अब क्रिकेट सटोरियों के नेटवर्क को तोडऩे का काम कर रही है। पकड़े गए सटोरियों की सट्टे से अर्जित सम्पत्ति का आकलन और जांच की जाएगी और उसे अधिग्रहण करने कार्यवाही करेगी।
-अभिनय विश्वकर्मा, पुलिस अधीक्षक







