सतना।जिला न्यायालय परिसर उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब पेशी पर लाए गए एक दुष्कर्म आरोपी पर आक्रोशित युवकों ने अचानक हमला कर दिया। दुष्कर्म, हत्या के प्रयास और उगाही जैसे गंभीर मामलों में गिरफ्तार आरोपी शुभम पाल को कोलगवां थाना पुलिस मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश करने लाई थी।
जैसे ही पुलिस वैन से उतरकर आरोपी कोर्ट भवन की ओर बढ़ा, वहां पहले से मौजूद युवकों के कई समूहों ने उसे चारों ओर से घेर लिया। कुछ ही पलों में हालात बेकाबू हो गए और करीब 40 से 50 युवकों ने आरोपी पर लात-घूंसे बरसाने शुरू कर दिए। अचानक हुए इस हमले से न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
आरोपी ने भी किया पलटवार, हालात और बिगड़े
हमले के दौरान आरोपी शुभम पाल ने भी खुद को बचाने की कोशिश में पास पड़ी एक लकड़ी की लाठी उठा ली और हमलावरों की ओर झपट पड़ा। इससे कोर्ट परिसर में तनाव और अधिक बढ़ गया। वकीलों, मुवक्किलों और आम लोगों में दहशत फैल गई और कुछ देर के लिए भगदड़ जैसे हालात बन गए।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत घेरा बनाकर आरोपी को भीड़ से अलग किया। कड़ी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित अदालत कक्ष के भीतर पहुंचाया गया। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर पूरे कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई।
पुलिस के अनुसार, शुभम पाल पर कोलगवां थाने में दुष्कर्म, जानलेवा हमला और अड़ीबाजी के कई प्रकरण दर्ज हैं। उसके आपराधिक इतिहास को लेकर स्थानीय स्तर पर लंबे समय से असंतोष बना हुआ था। माना जा रहा है कि इसी जन-आक्रोश के चलते युवकों ने कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश की।
पुलिस प्रशासन ने घटना को गंभीर सुरक्षा चूक माना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय परिसर में किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि हमले में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने अदालतों की सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ते जन-आक्रोश को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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