मंडला lकान्हा टाइगर रिजर्व के सिझौरा बफर जोन में एक तेंदुआ शिकारियों द्वारा लगाए गए लोहे के फंदे में फंस गया। गश्ती दल की सतर्कता से समय रहते तेंदुए को रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया है। यह मामला बीट चटुआखार के कक्ष क्रमांक 1438 का है। ‘ऑपरेशन वाइल्ड ट्रेप-2’ के तहत गश्त कर रही टीम को वन-राजस्व सीमा पर किसी वन्यजीव के कराहने की आवाज सुनाई दी। जब टीम मौके पर पहुंची, तो एक खेत की मेड़ के पास तेंदुआ फंदे में छटपटा रहा था। तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों और वन्यजीव डॉक्टर को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही वाइल्डलाइफ डॉक्टर संदीप अग्रवाल और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची।
अधिकारियों के निर्देश पर तेंदुए को ट्रेंकुलाइज किया गया। इसके बाद कटर की मदद से लोहे का फंदा काटकर उसे मुक्त कराया। जांच में पता चला कि यह लगभग 5 वर्षीय नर तेंदुआ है। प्राथमिक उपचार और नापजोख के बाद तेंदुए की स्थिति सामान्य पाई गई। तेंदुए के शरीर पर केवल मामूली चोट के निशान थे। पूरी तरह स्वस्थ और सक्रिय पाए जाने के बाद उसे वापस उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया है।