कर्तव्यपथ शहीद हुए वीरों को दी गई श्रद्धांजलि 6वीं बटालियन में हुआ गरिमामय आयोजन

जबलपुर, यशभारत।भारत के वीर पुलिसकर्मि कर्तव्यों की शहादत को नमन करते हुए, 6वीं प्रशिक्षण वाहिनी विसबल जबलपुर में मंगलवार को “पुलिस शहीद स्मृति दिवस” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहीदों की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा, पुष्पचक्र अर्पण व नाम वाचन जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस बल की त्याग और बलिदान की परंपरा को सम्मानित किया गया। देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान की स्मृति
हर वर्ष 21 अक्टूबर को “पुलिस शहीद स्मृति दिवस” उन 10 CRPF जवानों की याद में मनाया जाता है, जो 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीनी सेना से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे।
यह भारत के इतिहास में पहला अवसर था जब सीमा पर सेना नहीं, पुलिस बल के जवान शहीद हुए थे। तभी से यह दिन हर वर्ष वीरगति को प्राप्त पुलिस बल के जवानों के सम्मान में मनाया जाता है।
मुख्य अतिथियों ने दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर ज़ोनप्रमोद वर्मा (भा.पु.से.) थे। उनके आगमन पर जिला पुलिस बल, SAF और होमगार्ड की प्लाटूनों ने सलामी दी।
इसके उपरांत उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। साथ ही मध्यप्रदेश के वर्ष 2024–25 में शहीद हुए 11 पुलिसकर्मियों के नामों का वाचन कर उनके बलिदान को नमन किया।
इस वर्ष मध्यप्रदेश के ये 11 जवान हुए शहीद:
• निरीक्षक स्व. श्री संजय पाठक
• निरीक्षक स्व. श्री रमेश कुमार धुर्वे
• सहायक उप निरीक्षक स्व. श्री रामचरण गौतम
• सहायक उप निरीक्षक स्व. श्री महेश कुमार कोरी
• प्रधान आरक्षक स्व. श्री संतोष कुशवाह
• प्रधान आरक्षक स्व. श्री प्रिंस गर्ग
• प्रधान आरक्षक स्व. श्री अभिषेक शिंदे
• प्रधान आरक्षक स्व. श्री गोविंद पटेल
• आरक्षक स्व. श्री अनुज सिंह
• आरक्षक स्व. श्री सुंदर सिंह बघेल
• आरक्षक स्व. श्री अनिल यादव
गरिमामय उपस्थिति
इस अवसर पर कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल थे:
• अतुल सिंह (भा.पु.से.) – पुलिस उप महानिरीक्षक, जबलपुर रेंज
• सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) – पुलिस अधीक्षक, जबलपुर
• आशीष खरे – जोनल पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह – अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध)
• सूर्यकांत शर्मा – अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण)
नगर पुलिस अधीक्षकगण एवं 6वीं बटालियन के अधिकारी-कर्मचारी
शहीदों के परिजन, जिन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। श्रद्धा, सम्मान और संकल्प का दिन
समारोह के दौरान सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आगंतुकों ने शहीद स्मारक पर मौन वंदन और पुष्पांजलि अर्पित कर वीरों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
यह दिन ना सिर्फ याद करने का, बल्कि नई पीढ़ी को कर्तव्य, समर्पण और देशभक्ति की प्रेरणा देने का दिन भी बन गया।







