कल उल्लास के साथ मनाया जाएगा बैसाखी पर्व, जगमग रोशनी से नहाएंगे गुरुद्वारे

कटनी, यशभारत। खालसा पंथ के सृजन दिवस बैसाखी पर्व 13 अप्रैल रविवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर बरही रोड स्थित शहर के प्रमुख गुरुद्वारे में आकर्षक सजावट की जा रही है। यहाँ सुबह 9 बजे से 12 कीर्तन दरबार का आयोजन होगा। इसके बाद दिन भर गुरु का अटूट लंगर चलेगा। साथ ही गुरुद्वारा में सिख विद्वान सिख इतिहास पर आधारित कथा वाचन और मीमांसा करेंगे। पंजाबी समाज में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कई घरों में नई शादी की खुशियां मनाई जाएंगी, तो कहीं धार्मिक आयोजन होंगे। विशेष जत्थे द्वारा कीर्तन कर संगत को निहाल करेंगे। इसके बाद लंगर होगा। रविवार को भोग, कीर्तन, आनंद साहब का पाठ, अरदास और गुरु के लंगर के साथ बैसाखी पर्व मनाया जाएगा। गुरुद्वारे में गिद्दा और भांगड़ा भी होंगे। पर्व फसल की कटाई और नई फसल की खुशी में मनाया जाता है।
बैसाखी पर्व पर नई फसल से बने पकवानों का विशेष महत्व होता है। इस अवसर पर घरों में खासतौर पर पंजाबी व्यंजन बनाए जाते हैं। समाज के लोग मिलकर गुरुद्वारे में दाल, सब्जी, चावल, खीर, सलाद और प्रसाद का लंगर तैयार करेंगे। यह लंगर सभी श्रद्धालुओं को प्रेमपूर्वक वितरित किया जाएगा। पारंपरिक स्वाद और सेवा भाव की झलक पूरे आयोजन में देखने को मिलेगी।
20 अप्रैल को विशेष मेले का आयोजन
सतवीर भाटिया ने बताया की आगामी 20 अप्रैल को दुबे कालोनी स्थित गायत्री मंदिर के पास श्री गुरु सिंह सभा गार्डन में पंजाबी साहित्य एकेडमी द्वारा विशेष मेले का आयोजन बैसाखी की शाम आयोजित किया जा रहा है जिसमे प्रसिद्ध पंजाबी सिंगर चन्नी मस्ताना अपनी प्रस्तुति देंगे। इस दौरान स्थानीय स्तर पर बच्चो द्वारा भी अपनी प्रस्तुति भांगड़ा नृत्य के साथ दी जावेगी। इसके अलावा पंजाब से भांगड़ा ग्रुप द्वारा भी कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इस दौरान गार्डन में बच्चो के लिए झूले, इत्यादि के साथ विशेष पंजाबी व्यजंनों के स्टॉल लगाए जाएंगे।कटनी, यशभारत। खालसा पंथ के सृजन दिवस बैसाखी पर्व 13 अप्रैल रविवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर बरही रोड स्थित शहर के प्रमुख गुरुद्वारे में आकर्षक सजावट की जा रही है। यहाँ सुबह 9 बजे से 12 कीर्तन दरबार का आयोजन होगा। इसके बाद दिन भर गुरु का अटूट लंगर चलेगा। साथ ही गुरुद्वारा में सिख विद्वान सिख इतिहास पर आधारित कथा वाचन और मीमांसा करेंगे। पंजाबी समाज में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कई घरों में नई शादी की खुशियां मनाई जाएंगी, तो कहीं धार्मिक आयोजन होंगे। विशेष जत्थे द्वारा कीर्तन कर संगत को निहाल करेंगे। इसके बाद लंगर होगा। रविवार को भोग, कीर्तन, आनंद साहब का पाठ, अरदास और गुरु के लंगर के साथ बैसाखी पर्व मनाया जाएगा। गुरुद्वारे में गिद्दा और भांगड़ा भी होंगे। पर्व फसल की कटाई और नई फसल की खुशी में मनाया जाता है।
बैसाखी पर्व पर नई फसल से बने पकवानों का विशेष महत्व होता है। इस अवसर पर घरों में खासतौर पर पंजाबी व्यंजन बनाए जाते हैं। समाज के लोग मिलकर गुरुद्वारे में दाल, सब्जी, चावल, खीर, सलाद और प्रसाद का लंगर तैयार करेंगे। यह लंगर सभी श्रद्धालुओं को प्रेमपूर्वक वितरित किया जाएगा। पारंपरिक स्वाद और सेवा भाव की झलक पूरे आयोजन में देखने को मिलेगी।
20 अप्रैल को विशेष मेले का आयोजन
सतवीर भाटिया ने बताया की आगामी 20 अप्रैल को दुबे कालोनी स्थित गायत्री मंदिर के पास श्री गुरु सिंह सभा गार्डन में पंजाबी साहित्य एकेडमी द्वारा विशेष मेले का आयोजन बैसाखी की शाम आयोजित किया जा रहा है जिसमे प्रसिद्ध पंजाबी सिंगर चन्नी मस्ताना अपनी प्रस्तुति देंगे। इस दौरान स्थानीय स्तर पर बच्चो द्वारा भी अपनी प्रस्तुति भांगड़ा नृत्य के साथ दी जावेगी। इसके अलावा पंजाब से भांगड़ा ग्रुप द्वारा भी कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इस दौरान गार्डन में बच्चो के लिए झूले, इत्यादि के साथ विशेष पंजाबी व्यजंनों के स्टॉल लगाए जाएंगे।








