इंसानियत हुई शर्मसार : नहीं मिला शव वाहन , परिजन ऑटो में ले गए शव

दमोह। सोशल मीडिया पर आज एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें कुछ लोग एक शव को ऑटो रिक्शा में ले जाते नजर आ रहे हैं। यह दृश्य देखकर हर किसी के मन में एक ही सवाल उठ रहा है; क्या हमारे सिस्टम में गरीबों के लिए संवेदनाएं खत्म हो गई हैं?
बताया जा रहा है कि मृतक के परिजन वाहन के अभाव में मजबूर होकर शव को ऑटो में रखकर ले गए। सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार और प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं पर लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद भी गरीबों को शव वाहन जैसी बुनियादी सुविधा क्यों नहीं मिल पाती?
स्थानीय लोगों ने कहा कि अस्पतालों में शव वाहन की व्यवस्था होने के बावजूद भी कई बार वाहन उपलब्ध नहीं कराया जाता या फिर घंटों इंतजार करवाया जाता है। ऐसी स्थिति में परिजन मजबूर होकर किसी भी तरह शव को घर या श्मशान तक ले जाने को विवश हो जाते हैं।
अब यह वायरल वीडियो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है|क्या केवल कागजों में ही योजनाएं चल रही हैं, या फिर गरीबों की समस्याओं को अनदेखा किया जा रहा हैl
इन्होंने कहा…
जब इस वायरल वीडियो के संबंध में जानकारी ली गई तो दमोह के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजेश अठया ने बताया कि यह मृत्यु दमोह जिला चिकित्सालय में नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “अगर मृत्यु दमोह जिला चिकित्सालय में होती, तो शव को घर तक पहुंचाने की पूरी व्यवस्था हमारी प्राथमिकता रहती।”







