आनंद कुंज से पंडा की मढ़िया तक तोडफ़ोड़ पर लगी उच्च न्यायालय द्वारा रोक।

यश भारत । याचिकाकर्ता महेंद्र कुमार कोष्टा द्वारा प्रस्तुत याचिका में माननीय उच्च न्यायालय के एकल पीठ द्वारा सुनवाई करते हुए एक फैसला याचिकाकर्ता के पक्ष में जारी किया है । याचिकाकर्ता के ओर से अधिवक्ता सचिन पांडे ने पक्ष रखा अधिवक्ता द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष सुनवाई में यह पक्ष रखा गया कि निवासरत भूमि उसके पूर्वजों द्वारा प्राप्त हुई है तथा उनका परिवार वर्ष 1935 में वहां पर निवास करता आ रहा है, दिनांक .03.2025 को नगर निगम ने याचिकाकर्ता को अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया जिसपर अमल करते हुए याचिकाकर्ता ने अपने मकान में बने छज्जे टीन शेड आदि को यथा शीध्र हटा लिया परन्तु कुछ दिन बाद नगर निगम द्वारा मकान के हिस्से को तोड़ने हेतु पुनः चिन्हित कर दिया जिस पर याचिकाकर्ता ने प्रकरण में भूमि के कब्जा तथा अधिकार के समस्त दस्तावेज माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किए जिसके प्रकाश मे माननीय उच्च न्यायालय द्वारा आदेश पारित किया कि उक्त मामले में पक्षकार याचिकाकर्ता को सुनवाई का अवसर प्रदान करे तथा कमेटी गठित कर वैध दस्तावेजों की पुष्टि करें तथा तब तक किसी भी प्रकार की तोडफ़ोड़ की कार्यवाही को स्थगित करने का फैसला सुनाया ।






