अप्रैल में हो सकता स्वच्छता सर्वेक्षण, कटनी आकर टीम करेगी सफाई की मॉनीटरिंग, रेंकिंग में सुधार के लिए नगर निगम ने शुरू किए प्रयास

कटनी, यशभारत। इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण काफी विलम्ब से होने जा रहा है। सर्वेक्षण को लेकर नगर निगम प्रशासन ने दिसम्बर के महीने से ही तैयारियां शुरू कर दी थी लेकिन सर्वेक्षण के लिए टीम कटनी नहीं आई। नगर निगम सूत्रों की मानें तो सर्वेक्षण के लिए अब टीम अपै्रल में ही कटनी आएगी। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि सर्वेक्षण के लिए कटनी में तैयारियां की जा रही है। रेंकिंग को सुधारकर टॉप लिस्ट में शामिल होने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सर्वेक्षण के दौरान सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, पार्कों की साफ सफाई, सडक़ों की स्वच्छता, नालियों की सफाई, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण, फव्वारों की कार्यशीलता, रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था, वार्ड स्तर पर डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और कचरे के पृथक्कीकरण की व्यवस्था का सूक्ष्म अवलोकन किया जाएगा। इसके साथ ही नागरिकों से सीधे फीडबैक भी लिया जाएगा, जो कुल अंकों में अहम भूमिका निभाएगा।
2024 में मिला था 9वां स्थान
स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में नगर निगम कटनी ने मध्यप्रदेश में 9वां स्थान हासिल किया था। नगर निगम द्वारा शहर में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, प्रमुख स्थलों की सफाई, डिवाइडर की सफाई और चूने की लाइनिंग जैसे अभियान चलाकर सफाई व्यवस्था को निरंतर बेहतर बनाकर यह उपलब्धि हासिल की गई थी।
सफाई को लेकर हो रही यह पहल
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगर निगम प्रशासन द्वारा स्थानीय स्तर पर प्रयास भी किए जा रहे हैं। शहर में स्वच्छता को लेकर कई अभियान चल रहे हैं। यह बात अलग है कि सार्थक परिणाम सामने नहीं आ रहे। शहर में साफ-सफाई, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, कचरे का परिवहन, प्रोसेसिंग, खाद का निर्माण व अपशिष्ट का निष्पदान की प्रक्रिया हो रही है। इसके अलावा लगातार स्वच्छता जागरुकता का कार्यक्रम चलता है। नगर निगम से एक कंपनी ओम साईं विजन अनुबंधित है, जिसको हर माह लाखों रुपए का भुगतान हो रहा है, इसके बाद भी कंपनी लोगों को जागरुक नहीं कर पा रही है।
दावों की खुल रही पोल
नगर निगम प्रशासन भले ही शहर में स्वच्छता का दावा करे लेकिन हकीकत इससे कोसो दूर है। शहर में मौजूदा हालात पर नजर डाली जाए तो कई स्थानों पर नगर निगम प्रशासन की तैयारियां अधूरी नजर आ रही हैं। कई वार्डों में नालियां गंदगी से भरी हैं। कुछ सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति संतोषजनक नहीं है और सौंदर्यीकरण के कार्य भी अधूरे दिखाई देते हैं। रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था भी नियमित और प्रभावी नहीं मानी जा रही है। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो सर्वेक्षण में अंक कटना तय है। मैदानी निरीक्षण और नागरिक फीडबैक में लापरवाही रैंकिंग पर भारी पड़ सकती है।
अभी से करने होंगे प्रयास
पिछले वर्षों में भी सर्वेक्षण के दौरान नगर निगम को कई कमियों के कारण अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाया था। इस बार भी यदि ठोस तैयारी नहीं की गई तो परिणाम निराशाजनक हो सकते हैं। शहरवासियों का कहना है कि सर्वेक्षण से पहले ही नहीं, बल्कि सालभर सफाई व्यवस्था सुदृढ़ रहनी चाहिए, तभी स्थायी सुधार संभव है। अब देखना यह है कि अप्रैल में संभावित निरीक्षण से पहले नगर निगम कितनी सक्रियता दिखाती है। फिलहाल हालात यह संकेत दे रहे हैं कि यदि तत्काल सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 में बेहतर रैंकिंग पाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
इनका कहना है
स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए तैयारियां पहले से ही की जा रही है। इस बार टीम के अपै्रल मेंं आने की संभावना है। वार्डों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देेने के साथ ही रात्रिकालीन सफाई कराई जा रही है।
-आदेश जैन, नोडल अधिकारी
नगर निगम, कटनी







