मध्य प्रदेश

नाटक सदाचार का ताबीज एवं स्वांग मल्टीनेशनल को मिली सराहना 

 

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बरही/कटनी, यशभारत। दर्पण रंग समिति बरही द्वारा आयोजित तीन दिवसीय बरही नाट्य महोत्सव का भव्य आयोजन बरही में किया गया। नाट्य महोत्सव में क्षेत्रीय कलाकारों साथ-साथ जबलपुर नाट्य लोक संस्था के कलाकारों ने अनेक उम्दा नाटकों की शानदार प्रस्तुति दी। नाटक सदाचार का ताबीज, स्वांग मल्टी नेशनल, अहिल्या और सल्तनत प्रमुख रहे। 3 दिवसीय इस आयोजन में 7 जनवरी को प्रथम दिन कला प्रतियोगिता, प्रदर्शनी का आयोजन हुआ, जिसमें कलाशैली पोस्टर, रंगोली और चित्रकला का समागम था। सभी प्रतिभागियों को पदक एवं प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया जिसमें निर्णायक भूमिका में चित्रकूट से दीपेंद्र द्विवेदी थे। सदाचार का ताबीज का मंचन शानदार मंचन किया गया, जिसमें राजा की भूमिका दुर्गेश सोनी मंत्री, राजीव सोनी सिंघासन, राहुल बर्मन दरबारी 1 भरत, दरबारी 2 प्रदीप सिंह, विशेषज्ञ 1 साहिल सोनी, विशेषज्ञ 2 राजेश्वरी वंशकार, बाबा . प्यारेलाल कोल, कर्मचारी साहिल सोनी रहे। नाटक में समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार के नियंत्रण पर प्रकाश डाला गया जो कि हरिशंकर परसाई की व्यंग्य रचना पर आधारित था । इसी दिन नाटक स्वांग मल्टीनेशनल का भी मंचन किया गया। इस नाटक में हास्य व्यंग्य विनोदपूर्ण शैली के माध्यम से मल्टीनैशनल कम्पनियों के मायाजाल को उजागर किया गया। स्वांग मल्टीनेशनल में राजा के किरदार में दविंदर सिंह ग्रोवर ने दर्शकों की तालियों से खूब वाहवाही लूटी, इसमें चौबदार की भूमिका में ऋितिक साहू, मंत्री प्रेमराज विश्वकर्मा ठग की भूमिका में विनय शर्मा, पराग तेलेग, आत्मानंद श्रीवास्तव, बंगाली दर्जी, रविन्द्र मुर्हार, भोपाली दर्जी अनिल पाली, मद्रासी दर्जी हर्षित झा, बच्चा वैष्णवी वरसैया, माही सोनी, इमरती देवी मानसी सोनी, राजा देशबंधु की भूमिका में हर्षित झा, राजा देशबंधु का दूत अनिकेत अहिरवार फरियादी सूरज महाजन, माडल व नौकरानी की भूमिका में पलक गुप्ता भूमिका झरिया थी। संगीत संयोजन डॉक्टर शिप्रा सुल्लेरे निर्देशन संजय गर्ग और आलेख . अलख जी का था।

तीसरे दिन नाटक सल्तनत का मंचन

समारोह के तीसरे दिन नाटक.सल्तनत का मंचन किया गया, ये नाटक कहानी है एक बूढ़े रिटायर्ड आम आदमी की जो अपने जीवन के अंतिम चरण में पहुंचने के बाद भी अपने जीवन के मोह और विलासिता से मुक्त नहीं हो पाता ए वो अपने बनाए घर को अपनी सल्तनत कहता है और उसे परिवार की अगली पीढ़ी के भोगे जाने की कुंठा का वर्णन है नाटक सल्तनत। इसमें बूढ़े व्यक्ति की भूमिका में नाटक के निर्देशक ने स्वयं अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया, इसमें रामधीर की भूमिका में दुर्गेश सोनी, पत्नी की भूमिका में पुष्पा साहू, किरायेदार राजीव सोनी, बेटा की भूमिका में रवि सोनी ब्योहारी था। मंच परे की भूमिका में प्रकाश परिकल्पना, भरत काछी, रूप सज्जा एवं संगीत संचालन प्यारेलाल कोल था।

नाटक अहिल्या को भी मिली सराहना

9 जनवरी को ही नाटक अहिल्या का भी मंचन किया गया, देवी अहिल्या एं गौतम ऋषि की पौराणिक कथा से परे नारी सशक्ति को दिखाया गया है कि कैसे सदियों से सत्ता की ताकत ने हमेशा आमजन की भावनाओं के साथ नि:संकोच खिलवाड़ किया है, चाहे वो स्वयं ऋषि गौतम या देवी अहिल्या क्यों न हो। अत्याचार के विरुद्ध आक्रोश को जाग्रत करता ये नाटक दर्शकों को बहुत पसंद आया। इसमें राम की भूमिका में पुष्पा साहू, लक्ष्मण रक्षा सोनी, विश्वामित्र संदीप वंशकार, गौतम ऋषि अर्चना चौधरी, अहिल्या पूर्णिमा सोनी, सदानीरा राजेश्वरी वंशकार, राजा जनक आरती गुप्ता, इंद्र की भूमिका में जनक नंदनी थी। मंच के परे निर्देशन अन्नपूर्णा सोनी वेशभूषा, राहुल बर्मन, रक्षा सोनी, रूप सज्जा प्यारेलाल, प्रकाश परिकल्पना भरत काछी, रवि सोनी ब्योहारी, संगीत संचालन दुर्गेश सोनी का था। संचालन डॉक्टर दीपक अग्रवाल ने किया। दोनो ही दिनों की नाट्य प्रस्तुतियों का बरही नगर के नाट्य दर्शकों ने इन नाटकों का भरपूर लुफ्त उठाया।

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