मध्य प्रदेशराज्य

छात्रा की मौत से मचा हड़कंप : एक और छात्र को किया जबलपुर रेफर , आवासीय विद्यालय प्रबंधन पर लगे लापरवाही के आरोप

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मंडला lविकासखंड निवास के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पिपरिया में 15 अगस्त को अचानक बेहोश होकर गिरी कक्षा 10वीं की छात्रा शिल्पा मरावी ने रविवार देर रात नागपुर के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। छात्रा के मौत की खबर आग की तरह फैल गई, जिससे पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार को निजी एम्बुलेंस से शव को निवास लाया गया, जहाँ निवास मुख्यालय पर राजनेताओं और सामाजिक संगठनों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान निवास विधायक चैन सिंह वरकड़े, कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले, भाजपा मंडल अध्यक्ष आकाश पांडे और अन्य जनप्रतिनिधि व समाजसेवी मौके पर पहुंचे। शव का पोस्टमार्टम जिला स्वास्थ्य अधिकारी की निगरानी तीन सदस्यीय टीम द्वारा किया गया, जिसके बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले ने कहां कि तीन दिन में बच्ची का मौत होना ये बहुत बड़ी लापरवाही हैं, इसकी मजिस्ट्रियल जांच कर दोषियों पर कार्यवाही होनी चाहिए।

जानकारी अनुसार मंडला जिले के निवास विकासखंड अंतर्गत एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पिपरिया में स्वतंत्रता दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम देने के कुछ घंटे बाद ही शिल्पा मरावी पिता लोकेश मरावी कक्षा दसवीं की होनहार छात्रा अचानक बेहोश हो जाती हैं इतना ही नहीं स्कूल के लगभग डेढ़ दर्जन बच्चे भी बीमार हो जाते हैं, जिन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र निवास में लाकर भर्ती कराया जाता है, लेकिन शिल्पा की हालत गंभीर देखते हुए जबलपुर मेडिकल भेजा जाता हैं। जहां परिजन बेहतर इलाज के लिए एक जबलपुर के निजी अस्पताल लेकर जाते है। शेष बच्चों को वापिस परिसर लाया जाता है, जहां अन्य बच्चों का स्वास्थ्य खराब हो जाता है, जिसके बाद सभी बच्चों को मंडला जिला अस्पताल उपचार के लिए लाया जाता है। वही शिल्पा मरावी की हालत दिन व दिन बिगड़ती गई स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि शिल्पा को जबलपुर से नागपुर के लिए भेजा गया लेकिन रविवार देर रात्रि में नागपुर चिकित्सकों ने छात्रा को मृत घोषित कर दिया। वही सोमवार को जिला अस्पताल में उपचाररत एक छात्र को जबलपुर मेडिकल रेफर किया गया है।

  सांसद ने कराई सहायत राशि उपलब्ध

बताया गया कि इस घटना की जानकारी जैसे ही मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते को लगी तो उन्होंने गहरा दुख जताते हुए फोन पर परिजनों से बात की और पूर्व विधायक रामप्यारे कुलस्ते व भाजपा मंडल अध्यक्ष आकाश पांडे को शोकाकुल परिवार के घर भेजकर परिजनों को पचास हजार रुपए नगद सहायता राशि प्रदान कराई। उन्होंने दोषियों पर उचित कार्यवाही का आश्वासन भी दिया हैं। इसके साथ ही प्रशासन ने 25 हजार रुपए की सहायता राशि देने की बात कही। छात्रा शिल्पा मरावी का अंतिम संस्कार निवास विकासखंड के ग्राम भलवारा में आदिवासी रीति रिवाज नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर हैं अंतिम संस्कार पर जिले का पूरा प्रशासनिक आमला सहित सभी दलों के जनप्रतिनिधि और समाजसेवी बड़ी संख्या में मौजूद रहे और श्रंद्धाजलि दी।

गोंगपा ने थाने का घेराव कर किया प्रदर्शन

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की छात्रा की मौत के बाद गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। छात्रा की लापरवाही से मौत होने का आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर करीब आधे घंटे तक ताला लगाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने स्कूल प्रबंधक पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि स्कूल का संचालन प्रबंधक के पति द्वारा किया जा रहा है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने मृतिका के परिजनों को मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की। मौके पर पहुंचे सहायक आयुक्त वंदना गुप्ता, एसडीएम सीएल वर्मा, विधायक चैन सिंह वरकड़े, निवास एसडीओपी पीएस वालरे, निवास थाना प्रभारी वर्षा पटेल, निवास जनपद पंचायत सीईओ श्रद्धा सोनी समेत अन्य अधिकारियों की समझाइश के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।

स्कूल प्रबंधक ने नहीं की मदद, निष्पक्ष जांच की मांग

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की मृत छात्रा शिल्पा मरावी की बड़ी बहन आकांक्षा मरावी ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही और गैर-जिम्मेदारी का आरोप लगाया है। उन्होंने हमारे संवाददाता से बातचीत में बताया कि निवास से लेकर जबलपुर तक का पूरा इलाज उन्होंने अपने दम पर कराया, जिसमें स्कूल प्रबंधक मोनिका रोहिला ने किसी भी प्रकार की कोई मदद नहीं की। आकांक्षा ने बताया कि जब डिस्चार्ज पेपर पर हस्ताक्षर करने की बात आई तो प्रबंधक ने साफ इनकार कर दिया। हालांकि उन्होंने एक शिक्षक की सराहना की, जिन्होंने शिल्पा को जरूरत पडऩे पर रक्तदान किया। आकांक्षा ने बताया कि उनकी बहन पहले से किसी बीमारी से पीडि़त नहीं थी और वह स्कूल की एक होनहार छात्रा और कैप्टन थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पुलिस छावनी में तब्दील रहा एकलव्य स्कूल परिसर

एकलव्य स्कूल की छात्रा की मौत के बाद सोशल मीडिया पर फैली नाराजगी और हंगामे की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पिपरिया स्थित स्कूल परिसर, पोस्टमार्टम घर, थाना और ग्राम भलवारा में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। मंडला पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देशन में निवास एसडीओपी पीएस वालरे ने सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की।

एक और छात्र को किया जबलपुर रेफर

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पिपरिया का एक और छात्र जिसका मंडला जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था, उसकी हालत बिगडऩे के बाद सोमवार को जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। अन्य 15 छात्रों का इलाज जारी है। इस घटना के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या दोषियों पर कोई निष्पक्ष कार्रवाई होगी या सिर्फ खानापूर्ति की जाएगी।

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पिपरिया का एक और छात्र जिसका मंडला जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था, उसकी हालत बिगडऩे के बाद सोमवार को जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। अन्य 15 छात्रों का इलाज जारी है। इस घटना के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या दोषियों पर कोई निष्पक्ष कार्रवाई होगी या सिर्फ खानापूर्ति की जाएगी।

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