राज्य सरकार कब करेगा 5 डे वीक कार्य आदेश निरस्त – शासकीय कार्यालय में कर्मचारी कम, काम का बढ़ता दबाव

राज्य सरकार कब करेगा 5 डे वीक कार्य आदेश निरस्त
– शासकीय कार्यालय में कर्मचारी कम, काम का बढ़ता दबाव
– शनिवार के अवकाश से जनता के काम हो रहे हैं प्रभावित
भोपाल । मध्य प्रदेश में शनिवार के अवकाश निरंतर जारी है। यह अवकाश कोरोना काल के समय से लागू किया गया है। जिसके चले जनता के कार्य प्रभावित हो रहे हैं । वहीं कर्मचारियों की कमी और शनिवार का अवकाश के कारण भी काम बढ़ता जा रहा है। प्रदेश सरकार ने अभी यह निर्णय क्यों नहीं लिया। वहीं न्यायालयीन मामलों की सुनवाई में देरी होने को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने देश के सभी न्यायालयों के शनिवार का अवकाश निरस्त कर दिए है।
प्रदेश में कोरोना की महामारी तो गुजर गई लेकिन प्रदेश की जनता के लिए परेशानी का सबब बन गई। जब से यह म्हारी का देश में प्रकोप बढ़ा तो आम आदमी की जन जीवन प्रभावित हुआ। जिसका दंश प्रदेश क्या देश का हर वर्ग झेल रहा है। इस महामारी के दौरान प्रदेश सरकार ने शासकीय कर्मचारियों को कार्य से राहत देने के लिए 5 डे वीक का आदेश पारित किया जो कि 6 महीने के लिए था। इस आदेश के तहत सभी शासकीय कार्यालयों में शनिवार का अवकाश निर्धारित किया गया था। उसके बाद प्रत्येक 6 महीने बाद यह आदेश को बढ़ाया जाता रहा जो कि आज दिन तक लागू है।
कोरोना से राहत, अवकाश से नहीं
प्रदेश में कोरोना से तो विदाई हो गई, जिसे दो वर्ष हो चुके हैं । उसके बाद ओर भी नई बीमारियों आई ओर जनता ने सावधानी बरतते हुए उनसे भी पीछा छुड़ा लिया। लेकिन यह शनिवार के अवकाश वाला 5 डे वीक आदेश निरंतर जारी है।
शासकीय कार्यालयों में कार्य लंबित
प्रदेश में शनिवार के अवकाश रहने से कार्य करने के दिन कम हो गए, और कब लगातार बढ़ता ही जा रहा है। जिससे जनता के काम समय पर नहीं हो पा रहे हैं। जनता को प्रतिदिन कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
कर्मचारियों की कमी भी एक कारण
विगत कई वर्षों से सभी शासकीय विभागों से कर्मचारी लगातार सेवानिवृत हो रहे हैं। जिससे कर्मचारियों की कमी होती जा रही है। वहीं सरकार ने कर्मचारियों की स्थाई भर्ती भी पिछले कई वर्ष नहीं की है। जनता के कार्य लंबित होने का एक प्रमुख कारण यह भी है।
जनता से जुड़े विभागों के कार्य लंबित
प्रदेश में वैसे तो ऐसा कोई विभाग नहीं है जो जनता से जुड़ा हुआ न हो या जनता को काम नहीं पड़ता हो , लेकिन कुछ विभाग इसे हैं जहां जनता का प्रतिदिन आना लग रहता है। सबसे अधिक राजस्व, पुलिस, रजिस्ट्रार, शिक्षा ओर कृषि जैसे अन्य वो जग भी हैं जिनसे जनता को किसी न किसी काम के लिए जान ही पड़ता है। यहां पर शनिवार के अवकाश ओर कर्मचारियों की कमी से जनता के सैकड़ों कार्य लंबित पड़े हैं। जनता को राहत देने के लिए सरकार न्यायालय की तरह शनिवार के अवकाश वाले 5 डे वीक के आदेश कब निरस्त करेगी जिससे जनता के लंबित कार्यों के निराकरण करने में राहत मिलेगी।
सर्वोच्च न्यायालय ने शनिवार के अवकाश कियी निरस्त
सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए शनिवार की छुट्टियों को समाप्त कर दिया है। अब 14 जुलाई 2025 से देश की सर्वोच्च अदालत हर शनिवार को खुलेगी। ज्ञात हो कि अभी तक हर माह के दूसरे और चौथे शनिवार को सर्वोच्च न्यायालय की रजिस्ट्री बंद रहती थी।
यह निर्णय भारतीय संविधान के अनुच्छेद 145 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों और अन्य सभी सक्षम विधिक प्रावधानों के तहत लिया गया है। इस संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय नियम, 2013 के आदेश II के नियम 1, 2 और 3 में संशोधन किया गया है, जिसे राष्ट्रपति की अनुमति के पश्चात प्रभाव में लाया गया है।







