बेखौफ बदमाशों की दबंगई: सरेराह पिट रही खाकी, कानून का डर खत्म, चार दिन में तीन हमले, अफसरों तक को मिल रही धमकियां

जबलपुर। शहर में बेलगाम हो रही गुंडागर्दी अब खाकी वर्दी को खुली चुनौती देने लगी है। जिन कंधों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है, वही वर्दीधारी सरेराह मारपीट और धमकियों का शिकार हो रहे हैं। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि जब रक्षक ही सुरक्षित नहीं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या भरोसा? वैसे ही शहर में अपराधों का ग्राफ हर दिन बढ़ रहा है, हत्याएं, लूट, चोरियां, चाकूबाजी, आम हो चुकी है, गुंडे-बदमाश दहशतगर्दी फैला रहे है ऐसे मेंं बदमाशों मेें खाकी का डर, खौफ अब खत्म होना चिंताजनक है। अगर बीते चार दिन के भीतर घटनाओं पर नजर दौड़ाई जाएं तो तीन ऐसे मामले मेंं सामने आए है जिसमें पुलिस कर्मियों पर हमले हुए है। जबकि पिछले माह तो रेत माफिया ने आईपीएस और तहसीलदार को धमकाया था बल्कि अफसरों पर हाईवा चढ़ाने गुर्गों उकसाया था।
अपराधी हाईटेक, पुराने ढर्रे में काम-
वर्दीधारी केवल बदमाशों से ही असुरक्षित नहीं बल्कि सिस्टम से भी कमजोर है। बदलते दौर में जहां अपराधी हाईटेक हो चुके है तो खाकी पुराने ढर्रे पर चल रही है। इसके अलावा अपराधियों से पुलिस की यारी भी किसी से छिपी नहीं है। जिसके चलते पुराने समय में जो अपराधी पुलिस का नाम सुनकर थरथर कांपते थे उनके दिलों दिमाग से खाकी का वो डर और खौफ खत्म होता नजर आ रहा है।
वर्दी के सम्मान पर चोट की हिमाकत कहां से मिली
देशभक्ति और जनसेवा का दमभर नागरिकों को सुरक्षा का अहसास दिलाने वाली खाकी वर्दी का अपना एक मान-सम्मान होता है लेकिन खाकी वर्दी के सम्मान में चोट की हिमाकत की ताकत अपराधियों को कहां से मिल रही है यह चिंतन का विषय है। एक समय हुआ करता था जब बदमाशों के सामाने अपराधियों का पसीना छूट जाता था। अगर वर्दी किसी गली, चौक व चौराहे से गुजर जाती थी तो बदमाश भागकर अपना रास्ता बदल देते थे। लेकिन अब बदमाश पुसिस का रास्ता रोक रहे है और मारपीट करने के साथ धमका रहे है। पुलिस को अपनी साख मजबूत करने के लिए जनता से सीध संवाद, गलियों कूचों में गश्त बढ़ाने के साथ गुंडों बदमाशों पर शिकंजा कसने और अपना कर्तव्य पूरी ईमानदारी के साथ निभाने की जरूरत हैं।
केस 1
11 फरवरी को शहपुरा में अभिराज, पुष्पराज परिहार ने बेलखेड़ा थाने में पदस्थ आरक्षक बसंत ठाकुर को रोककर सरेराह मारपीट की थी बल्कि जान से मारने की धमकी दी।
केस 2
12 फरवरी को सिविक सेंटर में पुलिस जवान की सरेराह पिटाई की गई। वर्दीधारी की कॉलर पकडक़र हाथ घूसों से पीटा गया। वीडियो बनाकर भीड़ ने वायरल भी की थी।
केस 3
14 फरवरी को बरगी में वनरक्षक राहुल गुलाटी निवासी आधारताल पर राजू मसराम को धमकाया बल्कि शासकीय कार्य में बाधा डाली। बदमाश ने कॉलर तक पकड़ ली थी।
केस 4
एम सैंड एवं गिट्टी से लदे हाइवा पकडऩे से बौलखाएं कारोबारी रोहित जैन ने 9 जनवरी को बरगी में तहसीलदार, आईपीएस अफसर समेत उनकी टीम को धमकाया, गुर्गों को अमले पर हाईवा चढ़ाने के लिए उकसाया था।







