Delhiजबलपुरदेशमध्य प्रदेश

ट्रंप की कुंडली में अभी भी उथल-पुथल, चुनाव परिणाम, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष की चिंता की लकीरें बढ़ेगी

युद्ध, महंगाई और चुनाव: वैश्विक उथल-पुथल के बीच क्या कहती है ज्योतिषीय गणना?”

ट्रंप की कुंडली में अभी भी उथल-पुथल, चुनाव परिणाम, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष की चिंता की लकीरें बढ़ेगी

युद्ध, महंगाई और चुनाव: वैश्विक उथल-पुथल के बीच क्या कहती है ज्योतिषीय गणना?”

प्राइम टाइम चर्चा में पंडित लोकेश व्यास से ख़ास चर्चा

जबलपुर,यशभारत। प्राइम टाइम चर्चा में अंग्रेजी के प्राध्यापक ज्योतिषाचार्य लोकेश व्यास ने वर्तमान वैश्विक हालात, युद्ध की स्थिति, महंगाई और आगामी चुनावों को लेकर ज्योतिषीय दृष्टिकोण से विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया। चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्ध जैसे हालात—विशेषकर ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव—पूरी दुनिया में अस्थिरता पैदा कर रहे हैं। इसके चलते आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं और महंगाई में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।

उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप की कुंडली का हवाला देते हुए कहा कि वर्तमान ग्रह दशाएं उनके जीवन में उथल-पुथल का संकेत दे रही हैं, जिसका प्रभाव वैश्विक राजनीति पर भी पड़ सकता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल एक व्यक्ति की कुंडली नहीं, बल्कि विभिन्न देशों की स्थितियां मिलकर इस अस्थिरता को जन्म दे रही हैं। लेबनान के कारण ईरान इज़रायल में तनाव ज़ारी रहेगा और स्थितिया तनाव पूर्ण रहेगी।

1775811874 WhatsApp Image 2026 04 10 at 13.26.04

लोकेश व्यास  के अनुसार, युद्ध के कारण विश्व अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है, शेयर बाजार में गिरावट आई है और महंगाई से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में भी हालात पूरी तरह स्थिर होने की संभावना कम है। देश की राजनीति पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि आगामी विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम जैसे राज्यों पर पूरे देश की नजर रहेगी।

उन्होंने ममता बनर्जी को लेकर भविष्यवाणी की कि उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल में मजबूत स्थिति में है और अच्छे अंतर से जीत दर्ज कर सकती है। वहीं असम में मुकाबला कड़ा रहने की संभावना जताई गई, जबकि केरल में सत्तारूढ़ दल के दोबारा आने के संकेत बताए गए। तमिलनाडु में भी वर्तमान नेतृत्व के फिर से सत्ता में आने की संभावना व्यक्त की गई। उन्होंने कहा कि इन चुनावों का सीधा प्रभाव राष्ट्रीय राजनीति पर सीमित रहेगा, लेकिन राजनीतिक समीकरणों में हलचल जरूर देखने को मिल सकती है।चर्चा के अंत में उन्होंने कहा कि युद्ध और महंगाई जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत है और देश की जनता परिस्थितियों का मजबूती से सामना कर रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button