यातायात सुधार के फैसले कागज़ों तक सीमित, सड़कों पर नहीं दिख रहा असर
ई-रिक्शा, बस संचालन और अतिक्रमण पर सख्ती के निर्देश, लेकिन बाजारों में अव्यवस्था बरकरार

जबलपुर, यश भारत। शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए थे, लेकिन इन फैसलों का असर अब तक सड़कों पर नजर नहीं आ रहा है। व्यस्त बाजारों और मुख्य मार्गों पर ई-रिक्शा, बसों की आवाजाही और अवैध पार्किंग के कारण पहले जैसी ही अव्यवस्था बनी हुई है, जिससे आम नागरिकों और राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बैठक में शहर के भीड़भाड़ वाले मार्गों पर ई-रिक्शा और पिकअप वाहनों के संचालन को निर्धारित समय के लिए सीमित करने तथा इनके लिए अलग रूट तय करने का निर्णय लिया गया था। इसके बावजूद शहर के कई प्रमुख बाजारों और मार्गों पर ई-रिक्शा पहले की तरह ही चलते दिखाई दे रहे हैं, जिससे यातायात दबाव कम होने के बजाय जस का तस बना हुआ है।
इसी तरह मंडला और डिंडौरी की ओर जाने वाली यात्री बसों के शहर के भीतर प्रवेश पर रोक लगाने और बाहरी क्षेत्र में बस स्टैंड के लिए स्थान चिन्हित करने का फैसला भी किया गया था। हालांकि वर्तमान में बसों का शहर के भीतर से ही आवागमन जारी है, जिससे भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक का दबाव कम नहीं हो पाया है।
बैठक में शहर के प्रवेश मार्गों और सर्विस रोड पर हुए अतिक्रमण हटाने तथा बायपास रोड पर अवैध पार्किंग रोकने के निर्देश भी दिए गए थे। साथ ही दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स पर संकेतक, रिफ्लेक्टर और डिवाइडर लगाने की योजना बनाई गई थी। इसके अलावा रानीताल और बलदेवबाग चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल शुरू करने तथा दीनदयाल चौक की रोटरी का नया ले-आउट तैयार करने की बात भी कही गई थी। बावजूद इसके शहर के प्रमुख चौराहों और बाजारों में ट्रैफिक व्यवस्था में कोई कोई खास सुधार दिखाई नहीं दे रहा है और लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है।







