
3 मार्च को खग्रास चंद्रग्रहण, सिद्धिविनायक मंदिर में बदला दर्शन समय
मुंबई, यश भारत । फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा, मंगलवार 3 मार्च 2026 को खग्रास चंद्रग्रहण (प्रस्तोदित) के अवसर पर श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर न्यास ने विशेष पूजा-व्यवस्था और दर्शन समय की घोषणा की है। न्यास द्वारा जारी सूचना के अनुसार ग्रहण का स्पर्श दोपहर 3.20 बजे तथा मोक्ष सायं 6.48 बजे होगा। यह चंद्रग्रहण भारत में प्रस्तोदित रूप में दिखाई देगा, अर्थात उदय के समय चंद्रमा ग्रहणग्रस्त अवस्था में दिखाई देगा।
न्यास के अनुसार मंगलवार को सूर्योदय से लेकर मोक्ष काल (सायं 6.48 बजे) तक ग्रहण का वेध माना जाएगा। बालक, वृद्ध, रोगी और गर्भवती महिलाओं को सुबह 11 बजे से मोक्ष काल तक वेध का पालन करने की सलाह दी गई है।
मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रातःकालीन पूजा और आरती के समय में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। हालांकि दोपहर में श्री का नैवेद्य नहीं होगा। भक्तों के लिए दोपहर 3 बजे तक गर्भगृह से दर्शन की व्यवस्था रहेगी। इसके बाद दोपहर 3 बजे से सायं 7.30 बजे तक गर्भगृह से दर्शन बंद रहेंगे, केवल बाहरी दर्शन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस अवधि में किसी भी प्रकार का प्रसाद स्वीकार नहीं किया जाएगा।
धूप आरती सायं 7.30 बजे होगी। धूप आरती के पश्चात रात्रि 8.45 बजे तक भक्तों को गर्भगृह से दर्शन की अनुमति दी जाएगी। रात्रि 9 बजे पूजा सम्पन्न होने के बाद 9.30 बजे महाआरती और महानेवेद्य होगा। शेजआरती नियत समय पर संपन्न होगी तथा रात्रि 10 बजे के बाद नियमित दर्शन पुनः प्रारंभ हो जाएंगे।







