हनुमानताल में बनेंगे तीन बड़े कुंड जिनमे होगा जवारों का विसर्जन
नर्मदा और गंगा के जल का भी रहेगा समावेश

हनुमानताल में बनेंगे तीन बड़े कुंड जिनमे होगा जवारों का विसर्जन
जबलपुर यश भारत। नवरात्रि के समापन अवसर पर होने वाला जवारा विसर्जन हनुमानताल में ही होगा और इसके लिए हनुमानताल में 3:00 बजे कुंदन का निर्माण किया जाएगा जिसमें जल की व्यवस्था भी की जाएगी और परंपराओं के अनुसार श्रद्धालु जवारौं का विसर्जन बिना किसी परेशानी के कर पाएंगे। यह बात मंगलवार को मध्य क्षेत्र के विधायक अभिलाष पांडे ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ हनुमानताल के निरीक्षण के उपरांत कही। निरीक्षण के दौरान अनेक समितियां और मंदिरों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे और उन्हीं के द्वारा दिए गए सुझावों के बाद यह निर्णय लिया गया।
नर्मदा और गंगा के जल का भी रहेगा समावेश
विधायक श्री पांडे ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि हनुमान ताल में न केवल कुंड बनाकर उनमें जल भरा जाएगा बल्कि एक कदम आगे बढ़कर इन कुंडो में नर्मदा और गंगाजल का भी समावेश किया जाएगा। बड़ी खेरमाई बूढी खेरमाई के अलावा अन्य मंदिरों और मढियो के जवारे जिन घाटों पर विसर्जित होते रहे हैं पूरी आस्था के साथ वे उन्ही घाटों में जवारों का विसर्जन कर पाएंगे और यह पूरी व्यवस्था समय के पूर्व सुनिश्चित कर ली जाएगी विसर्जन को लेकर अब कोई संशय नहीं है।
यश भारत ने सबसे पहले उठाया था यह मुद्दा
उल्लेखनीय है कि हनुमान ताल की सफाई होने के कारण उसे खाली कर दिया गया है जिसके कारण नवरात्र शुरू होने के साथ ही जवारों के विसर्जन को लेकर संशय की स्थिति निर्मित थी। और लोगों की आस्था से जुड़े इस मुद्दे को लेकर यश भारत ने अपने 29 मार्च के अंक में एक समाचार भी प्रमुखता से प्रकाशित किया था।