भोपालमध्य प्रदेश

सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने वालों पर किया जुर्माना

सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने वालों पर किया जुर्माना
– राजधानी के सभी जोनों में निगरानी कर रहा नगर निगम का अमला
भोपाल यशभारत। शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने और साफ-सफाई में लापरवाही बरतने वालों पर रोक लगाने के लिए नगर निगम ने अभियान तेज कर दिया है। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने, सीएंडडी वेस्ट (निर्माण अवशेष) खुले में डालने और निर्माणाधीन भवनों में ग्रीन नेट न लगाकर वायु गुणवत्ता को प्रभावित करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। निगम ने पिछले दो दिनों में कुल 211 प्रकरणों में 80650 रुपये का स्पॉट फाइन वसूल कर कठोर संदेश दिया है कि शहर की स्वच्छता में बाधा डालने वालों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा।
निगम आयुक्त संस्कृति जैन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने शहर के सभी 21 जोनों में कार्रवाई की। अभियान के दौरान गंदगी फैलाने के 199 प्रकरणों में 62,700 रुपये और सीएंडडी वेस्ट के 12 प्रकरणों में 17,950 रुपये का जुर्माना लगाया गया। टीमों ने सडक़ों, फुटपाथों, सार्वजनिक स्थानों तथा कॉलोनियों में भ्रमण कर मौके पर ही कार्रवाई की। गंदगी फैलाने पर 199 लोगों पर कार्रवाई की गई। इन सभी को मिलाकर कुल 199 प्रकरणों में 62,700 रुपये की वसूली की गई। सडक़ों, खुले मैदानों और खाली प्लॉटों पर निर्माण सामग्री और मलबा फेंकने वालों के खिलाफ 12 प्रकरण दर्ज किए गए 17950 रुपये जुर्माना वसूला गया।
स्वच्छता में बाधा बर्दाश्त नहीं
निगम आयुक्त ने साफ कहा है कि स्वच्छता में लापरवाही करने वालों को किसी भी स्तर पर छूट नहीं दी जाएगी। विशेषकर ऐसे लोग जो कचरा खुले में फेंकते हैं, सीएंडडी वेस्ट सडक़ पर छोड़ते हैं या निर्माण स्थलों पर ग्रीन नेट नहीं लगाते उनके खिलाफ रोजाना कार्रवाई जारी रहेगी। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि गंदगी और सीएंडडी वेस्ट शहर की वायु गुणवत्ता पर सीधा असर डालते हैं। कई जगहों पर बिना ग्रीन नेट के काम होने से धूल उडऩे की शिकायतें भी मिल रही थीं।
शहरवासियों को भी सहयोग करने की अपील
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे घरों का कचरा निर्धारित वाहनों को ही दें, निर्माण मलबे को अधिकृत स्थलों पर निस्तारित करें और सार्वजनिक स्थलों को गंदा न करें। निगम ने यह भी चेतावनी दी है कि आगे भी ऐसी कार्रवाई और कड़ी होगी तथा जुर्माने की राशि बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।

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