कांग्रेस ग्रामीण में घमासान अध्यक्षी को लेकर कई दावेदार- पूर्व विधायक से लेकर पूर्व प्रत्याशी तक ठोक रहे ताल

जबलपुर यश भारत
कांग्रेस संगठन सृजन अभियान के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में ग्रामीण अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हरिद्वार के विधायक रवि बहादुर सिंह लगातार विधानसभावार बैठक कर रहे हैं बल्कि सर्किट हाउस में भी कांग्रेस नेताओं के वन टू वन मिलने का सिलसिला भी जारी है। हालांकि अब तक हुई बैठकों और मुलाकात में ग्रामीण अध्यक्ष के लिए दावेदारी करने वाले जिन नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं उनमें पूर्व विधायक से लेकर विधायक प्रत्याशी रह चुके लोगों के साथ ही पूर्व में ग्रामीण अध्यक्ष रह चुके एक नेता का नाम भी शामिल बताया जा रहा है।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में लगातार एक्टिव रहने वाले युवक कांग्रेस ग्रामीण के पूर्व अध्यक्ष का नाम भी चल रहा है। अपने प्रवास के प्रथम दिवस केंद्रीय पर्यवेक्षक रवि बहादुर सिंह ने सबसे पहले बलदेव बाग स्थित अग्रवाल बारात घर में जिले के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की थी। इसके बाद वे ग्रामीण विधानसभावार बैठक लेकर फीडबैक ले रहे हैं। कांग्रेस से ही जुड़े कुछ लोगों का कहना है कि ग्रामीण अध्यक्ष के लिए जो नाम सामने आ रहे हैं वह काफी चौंकाने वाले हैं। इनमें तीन नाम ऐसे है जो पूर्व में विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं तो दो नाम ऐसे हैं जो पूर्व में विधायक भी रह चुके हैं। इसके अलावा एक नाम ऐसा भी है जो ऑलरेडी पहले ही ग्रामीण अध्यक्ष का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा दूसरे नाम भी दावा करने वालों की लिस्ट में शामिल है।
इन नाम की सबसे ज्यादा चर्चा- अभी तक सूत्रों के हवाले से जो नाम सामने आए हैं उनमें पूर्व विधायक नित्य निरंजन खंपारिया पूर्व विधायक संजय यादव विधायक प्रत्याशी रह चुके सम्मति सैनी विक्रम सिंह जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व में ग्रामीण युवक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे राजेश तिवारी दुर्गेश पटेल बब्बू यादव ठाकुर नेक नारायण सिंह अनमोल चौरसिया भी अपने-अपने स्तर पर दावेदारी पेश कर रहे हैं। इसके अलावा पूर्व में ग्रामीण अध्यक्ष रह चुके राधेश्याम चौबे का मन भी दोबारा अध्यक्ष बनने के लिए लालायित नजर आ रहा है।कुछ नए नाम भी दावेदारों की लिस्ट में हैं। आप फाइनल क्या होगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
आज पाटन तो कल सिहोरा में बैठक
केंद्रीय पर्यवेक्षक के द्वारा अब तक पनागर विधानसभा की बैठक ली जा चुकी है। रविवार को बरगी विधानसभा की बैठक आयोजित होनी थी लेकिन वहां के ब्लॉक अध्यक्ष संतोष चौकसे के निधन के कारण यह बैठक स्थगित हो गई थी जबकि आज पाटन विधानसभा और कल सिहोरा विधानसभा में बैठक होना है और इसके बाद बरगी विधानसभा के लिए आगामी तिथि घोषित की जाएगी। सूत्रों की माने तो केंद्रीय पर्यवेक्षक अभी 19.20 जून तक प्रवास पर रह सकते हैं।
ग्रामीण प्रभारी भी लगातार साथ में रह रहे मौजूद
जबलपुर ग्रामीण के संगठन प्रभारी विधायक रजनी सिंह और रीवा से पूर्व विधायक राजेंद्र मिश्रा भी लगातार केंद्रीय पर्यवेक्षक के साथ बैठकों में शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा विधानसभा बार वरिष्ठ नेता भी सर्किट हाउस में केंद्रीय पर्यवेक्षक से मुलाकात करने के लिए पहुंच रहे हैं और अपने समर्थकों के माध्यम से अपना नाम आगे बढ़वा रहे हैं।
एक-दो दिन में शहर के लिए भी आ सकते हैं केंद्रीय पर्यवेक्षक
जैसी की जानकारी लग रही है एक-दो दिन में शहर अध्यक्ष के चुनाव के लिए भी केंद्र के द्वारा पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए राष्ट्रीय कांग्रेस की एडमिनिस्ट्रेशन इंचार्ज गुरदीप सिंह सिप्पल कभी जल्द ही आगमन हो सकता है। वह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े की काफी निकटतम माने जाते हैं। इसके अलावा उनके साथ प्रदेश संगठन के द्वारा पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए पूर्व मंत्री और नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल एवं हरदा विधायक आर के दोगुने भी मौजूद रहेंगे।






