युद्ध के साये में दुबई से भोपाल लौटे इंजीनियर की आपबीती

युद्ध के साये में दुबई से भोपाल लौटे इंजीनियर की आपबीती
शादी की खुशियां और वतन की याद खींच लाई भारत; मोहम्मद समी बोले- हालात डरावने हैं, पर जिंदगी थमी नहीं
भोपाल, यशभारत। ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच गहराते युद्ध के तनाव के बीच शुक्रवार को भोपाल के एक जांबाज इंजीनियर सुरक्षित अपने घर लौटे। पिछले दो साल से दुबई में एमवीपी डिजाइन इंजीनियर के तौर पर कार्यरत मोहम्मद समी खान जब राजा भोज एयरपोर्ट पर उतरे, तो उनके चेहरे पर अपनों से मिलने की खुशी और युद्ध के साये से बाहर निकलने का सुकून साफ झलक रहा था।
आसमान में मिसाइलों की गड़गड़ाहट और मोबाइल पर अलर्ट
समी ने बताया कि वहां का मंजर डराने वाला होता है। उन्होंने कहा, कई बार आसमान से मिसाइल गुजरने या दूर कहीं धमाके की आवाजें आती थीं। उस वक्त दिल दहल जाता है, लेकिन यूएई सरकार का मैनेजमेंट गजब का है। जैसे ही खतरा महसूस होता है, हर नागरिक के मोबाइल पर तुरंत नोटिफिकेशन आता है कि घर के अंदर रहें। सुरक्षित होने पर फिर से मैसेज आता है।
शादी का जश्न बनाम युद्ध का खौफ
समी के घर लौटने की सबसे बड़ी वजह उनकी शादी है, जो करीब 100 दिन बाद होने वाली है। उनके माता-पिता इस बात को लेकर बेहद चिंतित थे कि उनका बेटा युद्धग्रस्त क्षेत्र के इतने करीब है। समी ने बताया कि उनके दो भाई अब भी दुबई में हैं, जिससे परिवार की धड़कनें बढ़ी हुई हैं।
25 हजार का सफर 70 हजार में
युद्ध के कारण सबसे ज्यादा असर हवाई सेवाओं पर पड़ा है। समी के मुताबिक जो टिकट सामान्य दिनों में 900 से 1100 दिरहम का मिलता था, उसके लिए उन्हें 3000 दिरहम (करीब 70 हजार रुपये) चुकाने पड़े। स्थिति इतनी खराब है कि कुछ लोग ढाई से तीन लाख रुपये देकर चार्टर्ड फ्लाइट से लौट रहे हैं। उड़ानें बार-बार कैंसिल या रिशेड्यूल हो रही हैं, जिससे यात्रियों में अनिश्चितता का माहौल है।
घबराने की जरूरत नहीं, संयम रखें
समी ने दुबई में फंसे भारतीयों को संदेश दिया है कि भारतीय और यूएई सरकार हर संभव मदद कर रही है। मॉल और ऑफिस सामान्य रूप से खुल रहे हैं। बस यात्रा की योजना बनाते समय सीधे एयरलाइन से अपडेट लेते रहें।







