कोल ब्लॉक मुआवजा विवाद पर सदन में संग्राम, हंगामे के बीच 10 मिनट के लिए स्थगित हुई कार्यवाही

कोल ब्लॉक मुआवजा विवाद पर सदन में संग्राम, हंगामे के बीच 10 मिनट के लिए स्थगित हुई कार्यवाही
भोपाल, यश भारत। विधानसभा में गुरुवार को सिंगरौली के कोल ब्लॉक मुआवजा विवाद को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। बजट सत्र के नौवे दिन प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने आ गए। लगातार शोर-शराबे के बीच विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
8 गांव, 12998 परिवार प्रभावित: विपक्ष
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सिंगरौली जिले के धिरौली स्थित सिंगरौली में संचालित अडानी समूह के कोल ब्लॉक का मामला उठाते हुए कहा कि परियोजना के लिए 8 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है। कलेक्टर की सूची के अनुसार 12998 परिवार प्रभावित हैं, लेकिन कई आदिवासी परिवारों को पूरा मुआवजा नहीं मिला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुआवजा राशि बाहरी लोगों को भी दी गई है। सदन में उन्होंने दावा किया कि थाना प्रभारी जितेंद्र भदौरिया की पत्नी को 1594990 रुपये और यातायात प्रभारी दीपेंद्र सिंह कुशवाह की पत्नी स्वाति सिंह के नाम पर 1442482 रुपये का भुगतान किया गया। विपक्ष ने इस पूरे मामले की जांच विधानसभा समिति से कराने और जांच पूरी होने तक कोल ब्लॉक का काम रोकने की मांग की।
मंत्री का जवाब:
1552 परिवारों को मिला मुआवजा
इस्पात मंत्री करण सिंह वर्मा ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि अब तक 1,552 प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक आदिवासी परिवार को लगभग 50 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी बाहरी व्यक्ति को मुआवजा मिलने की बात सामने आती है तो उसकी जांच कराई जाएगी।
वहीं, मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि सरकार निर्धारित मुआवजा नीति के अनुसार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मुआवजा पाने वाले सभी लोगों की सूची सदन के पटल पर रखी जाएगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त जांच होगी।
आश्वासन के बाद भी नहीं थमा हंगामा
अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मंत्री जांच का आश्वासन दे चुके हैं, लेकिन विपक्षी सदस्य अपनी मांग पर अड़े रहे और नारेबाजी करते रहे। लगातार हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।







