महाकोशल–बुंदेलखंड–विंध्य की हेल्थ लाइफ लाइन को मिलेगा 1200 बेड का विस्तार
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई रफ्तार

जबलपुर, यशभारत। महाकोशल, बुंदेलखंड और विंध्य अंचल की ‘हेल्थ लाइफ लाइन’ माने जाने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों के लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए 1200 नए बेड बढ़ाने की तैयारी है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नए अस्पताल भवनों के निर्माण का प्रस्ताव प्रदेश शासन को भेज दिया है। प्रस्ताव के अनुसार अस्पताल परिसर में स्थित पुराने रेस्ट हाउस, शिशु अस्पताल भवन, दो जर्जर हॉस्टल भवनों और कबाड़ डंपिंग यार्ड की जमीन पर आधुनिक सुविधाओं से लैस नए अस्पताल भवन बनाए जाएंगे। इससे न केवल बेड क्षमता बढ़ेगी, बल्कि सुपरस्पेशलिटी सेवाओं का भी विस्तार होगा।
22 जिलों के मरीजों का सहारा
मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रदेश के 22 से अधिक जिलों के मरीजों के लिए प्रमुख उपचार केंद्र है। रोजाना 2000 से 2200 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं, जबकि 1600 से अधिक मरीज भर्ती रहते हैं। बेड की कमी के कारण कई बार मरीजों को फ्लोर बेड पर इलाज कराना पड़ता है। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, पल्मोनरी मेडिसिन एक्सीलेंस सेंटर, न्यूरो सर्जरी एक्सीलेंस सेंटर और स्टेट कैंसर अस्पताल शुरू होने तथा 500 बेड के नए अस्पताल भवन के निर्माण के बावजूद मरीजों का दबाव कम नहीं हुआ है।
चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ बढ़ी जरूरत
पिछले कुछ वर्षों में एमबीबीएस, पीजी और सुपरस्पेशलिटी पाठ्यक्रमों की सीटों में वृद्धि हुई है। इससे चिकित्सकीय सेवाओं के साथ-साथ शैक्षणिक ढांचे के विस्तार की भी आवश्यकता महसूस की जा रही है।
डीन डॉ. नवनीत सक्सेना के अनुसार, “चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और बढ़ते मरीज भार को देखते हुए 1200 बेड बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। नए भवनों के निर्माण के लिए पुराने जर्जर भवनों को हटाकर भूमि खाली कराई जाएगी।”
वर्तमान स्थिति एक नजर में
1100 बेड – पुराने अस्पताल भवन में
500 बेड – नए अस्पताल भवन की क्षमता
2000–2200 मरीज – प्रतिदिन ओपीडी में
1600+ मरीज – औसतन भर्ती
2000 से अधिक – डॉक्टर, जूनियर डॉक्टर, नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ
200 बेड – सुपरस्पेशलिटी अस्पताल (600 से अधिक मरीजों का दबाव)
100 बेड – स्कूल ऑफ पल्मोनरी मेडिसिन एक्सीलेंस अस्पताल
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई रफ्तार
1200 बेड के विस्तार के बाद मेडिकल अस्पताल की कुल क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। इससे मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिल सकेगा, साथ ही गंभीर और रेफर केसों के लिए भी पर्याप्त व्यवस्थाएं उपलब्ध होंगी।
महाकोशल, बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए यह विस्तार स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी राहत साबित हो सकता है।








