राजनीतिक दुर्भावनावश पूर्व सरपंच के विरुद्ध दर्ज करवाया गया था प्रकरण -हाई कोर्ट ने सेशन कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा का आदेश किया निरस्त

जबलपुर,। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल व न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने राजनीतिक दुर्भावनावश पूर्व सरपंच के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कराए जाने के रवैये को गंभीरता से लिया। इसी के साथ मामले में सेशन कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा निरस्त कर दी। अपीलकर्ता पर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाया गया था। हाई कोर्ट ने पाया कि पीड़िता व उसकी मां ने अन्य पूर्व सरपंच के बहकावे में आकर बयान दर्ज कराए थे।
अपीलकर्ता दमोह निवासी बबलू उर्फ बाबू सिंह लोधी की ओर से पक्ष रखा गया। दलील दी गई कि उस पर 12 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म का लांछन लगाया गया है। जबकि वह बेगुनाह है। पुलिस ने प्रकरण पंजीबद्ध करने के बाद अदालत में चालान पेश कर दिया। जिसके बाद सेशन कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुना दी। जिसके विरुद्ध हाई कोर्ट में अपील दायर की गई है। पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट नेगटिव आई थी। जिसके बहकावे में झूठा मामला पंजीद्ध कराया गया, वह पूर्व सरपंच राजेंद्र सिंह है। उसने अपीलकर्ता के विरुद्ध पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। दोनों के बीच बातचीत बंद है। इस तरह साफ है कि राजनीतिक दुर्भावना के चलते फंसाया गया है। पीड़ित मानसिक रूप से बीमाार है। इसी बात का फायदा उठाकर हथियार की भांति दुरुपयोग किया गया।







