भोपालमध्य प्रदेश

इंदौर की मौतों के बाद भी नहीं जागी राजधानी: मेयर को नहीं पता भोपाल में कौन कर रहा पानी की टेस्टिंग

इंदौर की मौतों के बाद भी नहीं जागी राजधानी: मेयर को नहीं पता भोपाल में कौन कर रहा पानी की टेस्टिंग

लापरवाही: 15 वाटर फिल्टर प्लांट पर महज 4 केमिस्ट, ड्राइवरों के भरोसे सैंपलिंग; सवालों पर मेयर बोलीं- ‘पता करके बताऊंगी

भोपाल, यशभारत। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है, लेकिन राजधानी भोपाल का नगर निगम अब भी गहरी नींद में है। शहर की जल आपूर्ति और पानी की शुद्धता को लेकर जब महापौर मालती राय से सवाल किए गए, तो उनके पास न तो कोई ठोस आंकड़े थे और न ही पुख्ता जवाब। आलम यह है कि शहर के 15 वाटर फिल्टर प्लांट की जिम्मेदारी सिर्फ 4 केमिस्टों के कंधों पर है, और चर्चा है कि पानी के सैंपल लेने जैसा तकनीकी काम ड्राइवरों से कराया जा रहा है।
ड्राइवर ले रहे सैंपल? मेयर बोलीं हटा देंगे

जब पत्रकारों ने महापौर से पूछा कि क्या लैब तकनीशियन की जगह ड्राइवर पानी के सैंपल टेस्ट कर रहे हैं, तो उन्होंने अपनी अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा, मुझे अभी इसकी जानकारी नहीं है, पता करके बताऊंगी। अगर ऐसा हो रहा होगा तो उन्हें वहां से हटा देंगे। यह जवाब नगर निगम की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है कि क्या जनता की सेहत की जिम्मेदारी गैर तकनीकी कर्मचारियों के भरोसे है?

सवालों की नो-बॉल अधिकारियों के पाले में
शहर में पिछले तीन दिनों में कितने सैंपल लिए गए और उनकी रिपोर्ट क्या है? इस पर महापौर ने सीधा जवाब देने के बजाय गेंद अधिकारियों के पाले में डाल दी। उन्होंने कहा, कमिश्नर से बात हो गई है, जानकारी आ जाएगी। वहीं, केमिस्टों की कमी के सवाल पर उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह सवाल अधिकारियों से पूछिए।

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