शहीदों की वीरता चिरकाल तक प्रेरणा देती रहेगी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

शहीदों की वीरता चिरकाल तक प्रेरणा देती रहेगी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
शहीद परिजनों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता नीति लागू; 3 साल में 21 हजार पदों पर भर्ती होगी
भोपाल,यशभारत । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर लाल परेड ग्राउंड स्थित शहीद स्मारक पर वीरगति को प्राप्त पुलिस जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि पुलिस जवानों की शहादत, वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना से चिरकाल तक प्रेरणा मिलती रहेगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों के साथ खड़ी है, जिसके तहत उनके लिए 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की नीति लागू की गई है।
1959 के वीरों को किया याद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में सर्वोच्च बलिदान देने वाले 10 पुलिस जवानों को याद किया और कहा कि उनके त्याग के बाद ही देश में पुलिस स्मृति दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई। उन्होंने इस दिवस को “प्रेरणा का पुंज” बताते हुए कहा, “जो अपने कर्तव्य की वेदी पर प्राणों की आहुति देता है, वह वास्तव में अमर है।”
अपराध पर जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि प्रदेश को ‘शांति का टापू’ बनाने का श्रेय उनके समर्पण और सतर्कता को जाता है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। पिछले एक साल में डेढ़ करोड़ के इनामी 10 नक्सलवादियों का खात्मा, जयपुर सीरियल ब्लास्ट के आरोपियों की गिरफ्तारी और आतंकवादियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई पुलिस के पराक्रम के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने 2026 तक नक्सलवाद उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प व्यक्त किया।
पुलिस कल्याण और आधुनिकीकरण पर जोर
डॉ. यादव ने पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 5700 करोड़ रुपये की लागत से 25 हजार से अधिक मकान बनाए जा रहे हैं। साथ ही, अगले तीन वर्षों में पुलिस के रिक्त 21 हजार पदों पर भर्ती पूरी की जाएगी। उन्होंने नए आपराधिक कानूनों में शत-प्रतिशत सफलता के लिए पुलिस को बधाई दी और ‘सृजन’, ‘सेफ क्लिक-सुरक्षित जीवन’ और ‘नशे से दूरी है जरूरी’ जैसे सामाजिक अभियानों की प्रशंसा की।
डीजीपी ने 1009 शहीदों को नमन किया
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने बताया कि 21 अक्टूबर 1959 से लेकर 31 अगस्त 2025 तक मध्यप्रदेश के 1,009 जवान कर्तव्य की वेदी पर शहीद हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि शहीदों का साहस, निष्ठा और बलिदान पुलिस बल के लिए हमेशा मशाल का काम करता रहेगा। डीजीपी ने इस वर्ष शहीद हुए मध्यप्रदेश पुलिस के 11 जवानों को भी श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों को पुलिस परिवार का अभिन्न अंग बताया।







