9 करोड़ की टैक्स चोरी: EOW ने बस मालिक और परिवहन विभाग के लिपिक पर दर्ज किया मुकदमा

जबलपुर,यशभारत। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर ने यात्री बसों के टैक्स में करीब 9 करोड़ रुपये की बड़ी हेराफेरी का खुलासा करते हुए बस मालिकों और परिवहन विभाग के कर्मचारी के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। ईओडब्ल्यू मुख्यालय भोपाल से प्राप्त शिकायत की जांच के बाद, डिंडौरी निवासी वाहन स्वामी संजय केशवानी, उनकी पत्नी साधना केशवानी और तत्कालीन सहायक ग्रेड-1 जिला परिवहन कार्यालय डिंडौरी (हाल नरसिंहपुर) पुष्प कुमार प्रधान सहित अन्य के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4), 61(2), 238 एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(सी) के तहत अपराध क्रमांक 2026 पंजीबद्ध किया गया है।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों के नाम पर कुल 16 बसें पंजीकृत थीं, जो डिंडौरी, जबलपुर, शहडोल, मंडला और बालाघाट जैसे मार्गों पर संचालित होती थीं। वर्ष 2006 से 2025 के बीच इन बसों का करोड़ों रुपये का टैक्स जमा नहीं किया गया। आरोपियों ने शासन को गुमराह करने के लिए इन बसों को बिना अनुमति के कबाड़ में बेचना बता दिया और टैक्स देना बंद कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम में विभागीय मिलीभगत तब उजागर हुई जब वर्ष 2017 में टैक्स वसूली की प्रक्रिया शुरू हुई। आरोप है कि सहायक ग्रेड-1 पुष्प कुमार प्रधान ने पद का दुरुपयोग करते हुए टैक्स से जुड़ी मूल फाइलें (नस्तियां) गायब कर दीं, ताकि वसूली की कार्यवाही रोकी जा सके। इस आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी के कारण शासन को 9 करोड़ रुपये की प्रत्यक्ष आर्थिक क्षति हुई है, जिसके बाद ईओडब्ल्यू ने मामला दर्ज कर विस्तृत विवेचना शुरू कर दी है।







