
बच्चों की मौजूदगी से पहले सख्ती: गोवा में सुनिधि चौहान के लाइव कॉन्सर्ट पर प्रशासन की कड़ी एडवाइजरी
गोवा में होने वाले मशहूर सिंगर सुनिधि चौहान के लाइव कॉन्सर्ट से ठीक पहले एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य की चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट ने कॉन्सर्ट के आयोजकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में साफ तौर पर कहा गया है कि कार्यक्रम के दौरान ऐसे गानों का प्रदर्शन न किया जाए, जो तंबाकू, धूम्रपान या शराब जैसी बुराइयों को बढ़ावा देते हों।
प्रशासन ने यह कदम किशोर न्याय अधिनियम (JJ एक्ट) 2015 के तहत बच्चों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया है। चूंकि इस कॉन्सर्ट में बड़ी संख्या में बच्चों के शामिल होने की उम्मीद है, इसलिए कार्यक्रम की मर्यादा और सामाजिक जिम्मेदारी बनाए रखने पर खास जोर दिया गया है।
कब और कहां है सुनिधि चौहान का कॉन्सर्ट?
दरअसल, ‘द अल्टीमेट सुनिधि लाइव’ कॉन्सर्ट का आयोजन 25 जनवरी 2026 को गोवा के वर्ना स्थित 1919 स्पोर्ट्ज क्रिकेट स्टेडियम में किया जाएगा। इस शो में 5 साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों को भी एंट्री दी गई है। यही वजह है कि प्रशासन गानों के चयन को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।

किन गानों पर जताई गई आपत्ति?
यह पूरा मामला चंडीगढ़ के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पंडितराव धारेनवर की शिकायत के बाद सामने आया है। उन्होंने सुनिधि चौहान के कुछ लोकप्रिय गानों जैसे ‘बीड़ी जलाइले’ और ‘शराबी’ पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ऐसे गाने तंबाकू और शराब के सेवन को ग्लैमराइज करते हैं, जिससे बच्चों के मन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
डॉ. पंडितराव के मुताबिक, बच्चों के सामने इस तरह के गानों का प्रदर्शन उन्हें नशीले पदार्थों के इस्तेमाल को सामान्य मानने के लिए प्रेरित कर सकता है।
हाई कोर्ट के फैसले का भी हवाला
एडवाइजरी में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के साल 2019 के एक फैसले का भी जिक्र किया गया है। इस फैसले में कहा गया था कि तंबाकू और शराब को बढ़ावा देने वाला कंटेंट बच्चों पर बुरा प्रभाव डाल सकता है और नाबालिगों की मौजूदगी में आयोजकों व कलाकारों को ज्यादा संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
प्रशासन का साफ संदेश
प्रशासन ने आयोजकों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि कॉन्सर्ट का पूरा कंटेंट बच्चों के लिए सुरक्षित और सामाजिक रूप से जिम्मेदार हो। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह एडवाइजरी किसी कलाकार या कार्यक्रम में बाधा डालने के लिए नहीं, बल्कि बच्चों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से जारी की गई है।






