
राज्य में आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक
छह वर्षों में 30 लाख लोगों को काटा, रेबिज से 30 नागरिकों की मौत
मुंबई, यश भारत। राज्य में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या गंभीर चिंता का विषय बन गई है। सड़कों पर आने-जाने वाले नागरिकों पर कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले छह वर्षों में राज्यभर में लगभग 30 लाख लोगों को काटने की घटनाएं दर्ज हुई हैं, जबकि वर्ष 2021 से 2023 के बीच रेबिज संक्रमण से 30 लोगों की मौत हुई है।
यह जानकारी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में पूछे गए एक तारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। इस मुद्दे को सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के विधायकों ने गंभीरता से उठाया था।
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मुंबई, भिवंडी, वसई-विरार, रायगढ़, अहिल्यानगर, सांगली, जालना सहित कई जिलों में आवारा कुत्तों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे नागरिकों की सुरक्षा को खतरा बढ़ा है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि कुत्तों की आबादी नियंत्रित करने के लिए नसबंदी (स्टरलाइजेशन) और टीकाकरण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही रेबिज से मृत्यु होने की स्थिति में प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने के लिए स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं तथा ग्राम विकास एवं पंचायत राज विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।
सरकार ने संबंधित विभागों को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में समन्वय के साथ प्रभावी उपाय लागू करने तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए।







