भारत के लिए पदक लाने का सपना संजोए मैदान पर उतरेंगे सोनकिया

भारत के लिए पदक लाने का सपना संजोए मैदान पर उतरेंगे सोनकिया
– 17 साल मैदान से अलग रहने के बाद फिर पकड़ी रफ्तार
– एशिया मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
यशभारत भोपाल । एक कहावत है कि यदि किसी लक्ष्य को पाने के लिए सच्ची लगन से मेहनत की जाए तो लक्ष्य को आसानी से पाया सकता है। इस कहावत को चरितार्थ किया फ्लाइंग अफसर के नाम से प्रसिद्ध भोपाल के हुजूर क्षेत्र के एसडीएम विनोद सोनकिया ने। 53 वर्ष की उम्र में सोनकिया चेन्नई में 5 से 9 नवंबर को होने जा रही 23 वीं एशिया मास्टर्स एथलेक्टिस चैपिंयनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। चैपिंयनशिप में पदक पाने के लिए एसडीएम सोनकिया प्रशासनिक व्यस्तता के बावजूद रोजाना दो घंटे कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। उनका कहना है कि जीवन में अनुशासन जरूरी है। अनुशासन का पालन करते हुए ही उन्होंने लक्ष्य तय किया है। भारत की ओर से 200 मीटर और 400 मीटर इवेंट में शमिल होंगे।
53 वर्ष की उम्र में डाइट पर किया फोकस
यशभारत से विशेष बातचीत में सोनकिया ने बताया कि टीटी नगर स्टेडियम में प्रशिक्षकों की निगरानी में तैयारी में जुटे हुए हैं। उम्र के जिस पड़ाव में लोग थक कर हार मान लेते हैं वहीं सोनकिया युवा एथलीटों के साथ कड़ा अभ्यास करते हैं। उन्होंने बताया कि खानपान का विशेष ध्यान रख रहे हैं। प्रशिक्षक की ओर से जो डाइट चार्ट तैयार किया है उसी को फालो कर रहे हैं।
28 देशों के एथलीटों से करेंगे मुकाबला
चेन्नई में होने वाली मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में एशिया महाद्वीप के 28 देशों के 5000 एथलीट शामिल होंगे। मार्च माह में हुई स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 200 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक प्राप्त कर चैंपियनशिप के लिए भगीदारी तय की थी।
पांच साल रहे यूर्निवर्सिटी चैंपियन
1989 में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में भग लेते हुए 200 मीटर की दौड़ 22.7 सेकंड में पूरी कर रिकार्ड बनाया था। लगातार पांच साल तक यूर्निवर्सिटी चैंपियन रहे। उन्होंने बताया कि कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश में शुरू कर दी थी, व्यस्तता के चलते मैदान से दूर हो गया, 17 साल बाद फिर से दौडऩा शुररू किया।
युवाओं को दिया संदेश
फ्लाइंग अफसर के नाम से प्रसिद्ध एसडीएम विनोद सोनकिया युवाओं के लिए आदर्श बन गए हैं। कई युवा उन्हें दौड़ते हुए देखने के लिए पहुंचते हैं और उन्हीं की तरह बनना चाहते हैं। प्रशासनिक व्यस्तता के बीच अपने दौडऩे के जुनून को उन्होंने कायम किया हुआ है। वे बताते हैं युवा गलत संगत में पडक़र बुरी लतों का शिकार हो जाते हैं। यदि युवा लक्ष्य को निर्धारित कर जुट जाएं तो कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं है।
भारत के लिए प्रतिनिधि करना बड़ी उपलब्धि
भारत की ओर से प्रतिनिधित्व करना बहुत बड़ी उपलब्धि है। मास्टर्स प्रतियोगिता में विनोद सोनकिया भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनका जिस तरह प्रदर्शन है वे पदक लाएंगे ऐसा विश्वास है। प्रशासनिक व्यस्तता के बीच उन्होंने एथलेक्टिस के लिए समय निकाला है यह प्रशंसनीय है।
– अब्दुल वहाब कुरैशी, सह सचिव, मप्र एथलेटिक्स एसोसिएशन






