एमपी में कड़ाके की ठंड: 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे, नए साल पर बढ़ेगी ठिठुरन

एमपी में कड़ाके की ठंड: 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे, नए साल पर बढ़ेगी ठिठुरन
कोहरे का कहर: विजिबिलिटी 200 मीटर तक सिमटी, 12 से ज्यादा ट्रेनें 8 घंटे तक लेट; पचमढ़ी सबसे ठंडा
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में सर्दी का सितम जारी है, जहां शुक्रवार सुबह ग्वालियर, चंबल और रीवा संभाग में घना कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में दृश्यता (विजिबिलिटी) महज 200 से 500 मीटर दर्ज की गई, जिससे सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए और चालकों को दिन में भी हेडलाइट का सहारा लेना पड़ा।
पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री
प्रदेश में रात का पारा तेजी से नीचे गिरा है। हिल स्टेशन पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। इसके अलावा राजगढ़, रीवा और शाजापुर जैसे शहरों में भी तापमान 5 से 6 डिग्री के बीच बना हुआ है। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 8.4 और इंदौर में 7.5 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार, जेट स्ट्रीम और पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने ठंड की तीव्रता को बढ़ा दिया है।
रेल यातायात बेपटरी, यात्री परेशान
कोहरे का सबसे ज्यादा असर रेलवे पर पड़ा है। दिल्ली से आने वाली शताब्दी, मालवा और सचखंड एक्सप्रेस जैसी एक दर्जन से अधिक प्रमुख ट्रेनें 5 से 8 घंटे की देरी से चल रही हैं। इससे यात्रियों को स्टेशनों पर भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नए साल पर और गिरेगा पारा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 27 दिसंबर को हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है। इसका सीधा असर 2-3 दिनों के भीतर मध्य प्रदेश में दिखेगा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि नए साल की शुरुआत कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के साथ होगी। आने वाले दिनों में शीतलहर की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
प्रमुख शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
पचमढ़ी: 3.6
राजगढ़: 5.0
ग्वालियर: 7.0
इंदौर: 7.5
भोपाल: 8.4
जबलपुर: 10.0







