दतिया में सनसनी: कॉन्स्टेबल समेत बदमाशों ने रिकवरी एजेंट का किया अपहरण
7 किमी पीछा कर पुलिस ने दो को दबोचा

दतिया,एजेंसी। मध्यप्रदेश के दतिया जिले में गुरुवार को फिल्मी अंदाज में अपहरण और फायरिंग की वारदात सामने आई। एक कॉन्स्टेबल ने अपने भाई और साथियों के साथ मिलकर एक रिकवरी एजेंट का अपहरण कर लिया। आरोपियों ने पहले जमकर मारपीट की, फिर हथियार लहराते हुए युवक को बोलेरो में डालकर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, विजय रावत (21) एक फाइनेंस कंपनी में रिकवरी एजेंट है। उसने बकाया किस्त न चुकाने पर एक बाइक जब्त की थी, जिससे नाराज आरोपियों ने इस पूरी घटना को अंजाम दिया।
दुकान में घुसकर मारपीट, फिर किया किडनैप
गुरुवार दोपहर विजय रावत शहर के एक एमपी ऑनलाइन सेंटर पर बैठा था। तभी सफेद बोलेरो में सवार करीब 6 लोग वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया। आरोपियों ने विजय के साथ-साथ बीच-बचाव करने आए लोगों को भी पीटा और दुकान में तोड़फोड़ की। इसके बाद विजय को जबरन वाहन में डालकर अपहरण कर लिया।
कट्टा अड़ाकर बाइक वापस करने का दबाव
आरोपी विजय को करीब 7 किलोमीटर दूर ले गए और उसकी कनपटी पर कट्टा अड़ाकर जब्त बाइक वापस दिलाने का दबाव बनाने लगे। इसी दौरान विजय का दोस्त मौके पर पहुंचा, लेकिन आरोपियों ने उसे भी पीट दिया और जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस का एक्शन: 7 किमी पीछा, दो गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और आरोपियों का पीछा शुरू किया। करीब 7 किलोमीटर तक चले पीछा के बाद बोलेरो वाहन फंस गया, जिससे आरोपी गाड़ी छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को पकड़ लिया, जबकि कॉन्स्टेबल राजपाल मांझी सहित अन्य फरार हो गए।
अपहरण से पहले महिला पर फायरिंग
चौंकाने वाली बात यह है कि अपहरण से करीब दो घंटे पहले ही मुख्य आरोपी ने अपने साथियों के साथ एक महिला पर भी फायरिंग की थी। इसके बावजूद आरोपी खुलेआम दूसरी वारदात को अंजाम देने में सफल रहे।
ड्यूटी से गैरहाजिर था आरोपी कॉन्स्टेबल
पुलिस के मुताबिक, आरोपी कॉन्स्टेबल राजपाल मांझी घटना के दिन ड्यूटी पर अनुपस्थित था और उसका व्यवहार पहले से संदिग्ध बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने अपहरण, मारपीट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।







