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बच्चों की सुरक्षा पर सवाल: जबलपुर में जर्जर स्कूलों के बीच बारिश में क्यों खुले हैं विद्यालय?

जबलपुर, यशभारत। बीते कई दिनों से लगातार जारी मूसलाधार बारिश ने पूरे मध्य प्रदेश में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जहां एक ओर शिवपुरी और गुना सहित राज्य के कई जिलों में जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है, वहीं संस्कारधानी जबलपुर में अभी तक इस दिशा में कोई ठोस पहल शुरू नहीं हुई है। भारी बारिश और जलभराव के बीच छोटे बच्चों को स्कूल भेजने पर अभिभावकों और आम जनता में गहरा रोष व्याप्त है, जो बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ जैसा माना जा रहा है।


 

जर्जर स्कूल भवन और ‘अनहोनी को न्योता’

 

जबलपुर जिले में रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश से शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों के निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। सड़कों पर पानी जमा है और आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। इन परिस्थितियों में सबसे बड़ी चिंता का विषय जिले के अधिकांश सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत है। कई स्कूल भवन इतने पुराने और कमजोर हो चुके हैं कि उनकी छतें टपक रही हैं और दीवारों में बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं। तेज बारिश के दौरान इन असुरक्षित इमारतों में बच्चों को बैठाकर पढ़ाना किसी भी समय बड़ी अनहोनी को निमंत्रण देने जैसा है।

अभिभावक लगातार जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से यह सवाल पूछ रहे हैं कि “आखिर बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है?” उनका कहना है कि अन्य जिलों के प्रशासन ने जिस तत्परता के साथ बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है, जबलपुर में भी उसी तर्ज पर तुरंत निर्णय लेना चाहिए। माता-पिता को हर सुबह अपने बच्चों को स्कूल भेजते समय उनकी सुरक्षा की चिंता सता रही है।


 

शिक्षा विभाग के दावे और जमीनी हकीकत का अंतर

 

इस गंभीर मुद्दे पर जब शिक्षा विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने दावा किया कि स्कूलों की स्थिति को सुधारने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर दिखाई पड़ती है। कई स्कूलों में मरम्मत कार्य या तो शुरू नहीं हुए हैं या आधे-अधूरे पड़े हैं, जिससे बारिश के मौसम में इन भवनों की स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि बारिश की तीव्रता और बढ़ती है तथा स्थिति नियंत्रण से बाहर होती है, तो निश्चित रूप से स्कूलों में अवकाश घोषित कराने का प्रयास किया जाएगा।

नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने एक स्वर में मांग की है कि प्रशासन को किसी बड़ी दुर्घटना या अप्रिय घटना का इंतजार किए बिना, तत्काल प्रभाव से सभी स्कूलों में अवकाश घोषित करना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब अक्षम्य होगा। उम्मीद है कि जिला प्रशासन जल्द ही इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेगा और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

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