जबलपुर जेल में बंदी बना रहे इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं
10 दिवसीय पर्व की तैयारियां

जबलपुर। देशभर में विघ्नहर्ता भगवान गणेश के 10 दिवसीय पर्व की तैयारियां अभी से शुरू हो गई है 26 अगस्त को गणेश चतुर्थी पर घरों और पंडालों में विधि विधान के साथ भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी। इसी क्रम में जबलपुर में नेताजी सुभाषचंद्र बोस सेंट्रल जेल की चार दीवारी में बंद कैदी इको फ्रेंडली गणेश की मूर्ति बना रहे हैं।
हालांकि, इन कैदियों का वक्त खराब था, जिसके कारण जेल में सजा काट रहे हैं. लेकिन, काबिलियत में कोई भी कमी नहीं है. इसी काबिलियत को देखते हुए जेल प्रशासन ने कैदियों के हुनर को निखारने के लिए मूर्ति निर्माण की अनुमति दी और अब कैदी मूर्ति का निर्माण कर रहे हैं.सेंट्रल जेल में कैदी बड़ी संख्या में छोटी से लेकर बड़ी मूर्ति का निर्माण कर रहे हैं, मूर्तियों को इको फ्रेंडली बनाया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को नुकसान न हो।
8 साल से कैदी बना रहे गणेश प्रतिमाएं
जबलपुर के केंद्रीय जेल में बंद कैदी बीते आठ साल से हर साल गणेश प्रतिमाओं का निर्माण कर रहे हैं। इस साल भी बंदियों द्वारा इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया गया है। मिट्टी और बिना केमिकल युक्त रंगों से बनी इन प्रतिमाओं को लोग घरों में स्थापित करने के बाद घर पर ही बाल्टी और टब में विसर्जित कर सकते हैं।
गोबर और मिट्टी से निर्माण
जेल में कैदियों ने मिट्टी, वाटर कलर, गोबर और तुलसी के बीज से गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया है। प्रतिमा में तुलसी के बीज होने की वजह से इसके विसर्जन के बाद बची मिट्टी से तुलसी का पौधा उगेगा।
स्टाल के माध्यम से होगा विक्रय

कैदियों द्वारा बनाई गई प्रतिमाओं को हर साल आम लोगों की मदद से स्टॉल्स में बेचने के लिए रखा जाता है। कैदी पूरे उत्साह के साथ हर साल इन गणेश प्रतिमाओं का निर्माण करते हैं।







