छिंदवाड़ा हादसे पर सियासत गरम, मुआवजा नीति पर उठे सवाल

छिंदवाड़ा हादसे पर सियासत गरम, मुआवजा नीति पर उठे सवाल
भोपाल/छिंदवाड़ा। रामनवमी के अवसर पर जहां एक ओर प्रदेश में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है वहीं छिंदवाड़ा में हुई दर्दनाक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस हादसे में 10 लोगों की मौत और करीब 40 लोग घायल हो गए, जिससे कई परिवारों के घरों के चिराग बुझ गए। घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को अपनी ओर से 50 , 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश में इस तरह की घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं और सरकार अब तक एक समान मुआवजा नीति क्यों नहीं बना सकी।
सिंघार ने आरोप लगाया कि अलग अलग घटनाओं में मुआवजे की राशि अलग अलग तय की जाती है, जिससे पीड़ित परिवारों को भटकना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि किसी भी हादसे की स्थिति में 24 घंटे के भीतर एक समान मुआवजा देने की स्पष्ट नीति बनाई जाए ताकि पीड़ितों को तत्काल राहत मिल सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासनिक दबाव के कारण लोगों को कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए बाध्य किया जाता है जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है। ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की गई। वहीं, सिंघार ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए महंगाई, और एलपीजी गैस की बढ़ती दरों को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार बढ़ती महंगाई के कारण परेशान हैं और सरकार को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही स्पष्ट नीति नहीं बनाई तो ऐसी घटनाएं आगे भी होती रहेंगी और आम जनता को सिर्फ घोषणाओं तक ही सीमित राहत मिलती रहेगी।







