पुलिस कल्याण: DGP कैलाश मकवाणा ने की 6 साल बाद राज्यस्तरीय बैठक

पुलिस कल्याण: DGP कैलाश मकवाणा ने की 6 साल बाद राज्यस्तरीय बैठक
7,500 आरक्षकों सहित 8,500 नई भर्तियों की घोषणा
भोपाल यशभारत: पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में आज भोपाल के रवीन्द्र भवन सभागार में राज्यस्तरीय संयुक्त पुलिस परामर्शदात्री समिति और पुलिस कल्याण समिति की वार्षिक बैठक संपन्न हुई। 6 वर्षों के बाद हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस बल के कल्याण और उनके मनोबल को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
डीजीपी मकवाणा ने बताया कि प्रदेश में पुलिसकर्मियों के हित में कई कल्याणकारी निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने घोषणा की कि 7,500 आरक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और जल्द ही 500 सब-इंस्पेक्टर, सूबेदार और 500 कार्यालयीन स्टाफ की भर्ती भी शुरू की जाएगी। इसके अलावा, नक्सल अभियानों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 64 पुलिसकर्मियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ प्रमोशन दिया गया है।

पुलिस कल्याण और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
बढ़ी हुई सहायता राशि: परोपकार निधि से मृत्यु के बाद मिलने वाली राशि को ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख किया गया है। इसके लिए सभी रैंक के पुलिसकर्मियों से प्रति माह ₹100 का अतिरिक्त योगदान लिया जाएगा।
शिक्षा के लिए मदद: शिक्षा निधि से दी जाने वाली सहायता राशि में 50% की वृद्धि की गई है।

डिजिटल पहल: पुलिस विभाग में e-HMRS सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे सेवा पुस्तिकाएं डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगी। पुलिस मुख्यालय में e-office की शुरुआत हो चुकी है।
भूमियों का संरक्षण: प्रदेश में पुलिस इकाइयों के पास उपलब्ध शासकीय भूमियों का सीमांकन और संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि उन पर अतिक्रमण न हो।
पारदर्शिता: लंबे समय से एक ही थानों में पदस्थ कर्मचारियों के स्थानांतरण से पारदर्शिता बढ़ी है और जनता का विश्वास भी मजबूत हुआ है।
बैठक में डीजीपी ने अधिकारियों को संवेदनशील होकर कर्तव्य निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘सेफ क्लिक’ और ‘नशे से दूरी है’ जैसे अभियानों की सफलता की भी जानकारी दी। इस बैठक में प्रदेशभर से 111 अधिकारी/कर्मचारी और 50 वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।






