पंच प्रबोधन सामाजिक परिवर्तन का अभियानः दत्तात्रेय होसबाले
युवाओं में नशा मुक्ति को लेकर कार्यक्रम

पंच प्रबोधन सामाजिक परिवर्तन का अभियानः दत्तात्रेय होसबाले
जबलपुर यशभारत हम सभी के साथ संवाद स्थापित रखते हैं, लेकिन भाजपा में संघ के स्वयंसेवक मौजूद हैं, ऐसे में वहां पर हमारे साथ संवाद बेहतर होता है। बाकी राजनीतिक दलों के लिए भी हमारे रास्ते खुले रहते हैं। ऐसे बहुत से लोग भी हैं जो दूसरे दलों के होकर भी हमारे साथ जुड़े हुए हैं, हालांकि बहुत से दल हैं जो हमसे दूरी बनाकर रखते हैं। यह कहना है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले का, जो अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।
चर्चा के दौरान उन्होंने छोटे राज्यों की अवधारणा पर भी अपनी बात रखी और कहा कि जहां जैसी आवश्यकता होती है, उसके अनुसार इसका निर्णय लिया जाता है। यदि विकास और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर नए राज्य बनाए जाते हैं, तो

जो हमारी विचारधारा के हैं, उनके साथ हमारा सामंजस्य बेहतर है
उसमें कहीं भी समस्या नहीं है। बैठक के दौरान शताब्दी वर्ष समारोह में होने वाले आयोजनों पर चर्चा की गई, जिसमें सबसे प्रमुख पंच प्रबोधन और गृह संपर्क अभियान हैं, जिन्हें लेकर देश भर में लगभग 80,000 सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे और देशभर के लोगों को इससे जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने हिंदू सम्मेलनों की भी जानकारी दी, जिन पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही उन्होंने शताब्दी वर्ष के दौरान दशहरा के मौके पर देशभर में हुए पद संचलन और आरएसएस के एक लाख से अधिक कार्यक्रमों के बारे में भी विस्तार से बताया।
पत्रकार वार्ता के दौरान सहकार्यवाह ने बताया कि बैठक में मणिपुर हिंसा को लेकर भी चर्चा हुई, जिसमें उन्होंने सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का उल्लेख किया और प्रधानमंत्री मोदी की मणिपुर यात्रा का भी जिक्र किया, जो विपरीत परिस्थितियों
में हुई थी। इसके अलावा देश में सक्रिय नक्सलवाद पर भी उन्होंने बात कही और कहा कि जो लोग मुख्यधारा से कट गए थे, वे अब मुख्यधारा में आ रहे हैं। ऐसे में आरएसएस का भी प्रयास होगा कि उन्हें सामान्य जीवन में वापस लाया जा सके।
युवाओं में नशा मुक्ति को लेकर कार्यक्रम
बैठक के दौरान मुख्य मुद्दों में युवाओं में बढ़ती नशे की लत और शिक्षण संस्थानों में फैले नशे का जाल भी रहा। इसे लेकर पत्रकार वार्ता में जानकारी दी गई और बताया गया कि संघ इस विषय को गंभीरता से ले रहा है तथा आने वाले समय में नशा मुक्ति को लेकर कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, ताकि युवा पीढ़ी को नशे से दूर किया जा सके।
तीन वक्तव्य हुए जारी

अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के दौरान देशभर से आए हुए 397 स्वयंसेवकों की मौजूदगी में तीन वक्तव्य जारी किए गए। इनमें भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष और गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत वर्ष को लेकर वक्तव्य शामिल थे। इस दौरान समाज की एकता और अखंडता में उनके योगदान पर चर्चा की गई। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि इन अवसरों पर देशभर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।







