राजधानी के रसूखदारों के लिए तौलकर बनाते थे एमडी ड्रग्स की पुड़िया

राजधानी के रसूखदारों के लिए तौलकर बनाते थे एमडी ड्रग्स की पुड़िया
– क्राइम ब्रांच की टीम जुटा रही खरीददारों की जानकारी
भोपाल यशभारत। एमडी ड्रग्स तस्करी के मामले में क्राइम ब्रांच की टीम लगातार कार्रवाई करने में जुटी है। जैसे जैसे जांच आगे बढ़ रही है वैसे वैसे आरोपियों की संख्या में इजाफा हो रहा है साथ ही नए खुलासे भी हो रहे हैं। यासीन मछली और उसके चाचा शाहवार की गिरफ्तारी के बाद अब गिरोह के साथियों की तलाश की जा रही है। क्राइम ब्रांच की टीम ड्रग्स को खरीदने वाले लोगों की भी तलाश कर रही है। राजधानी के कई रसूखदारों के लिए ड्रग्स की पुड़िया भी तैयार की जाती थी। ड्रग्स की को तैयार करने के लिए तौल कांटे का उपयोग भी किया जाता था। वह तौल कांटा भी क्राइम ब्रांच टीम को हाथ लग गया है जिससे गिरोह ड्रग्स की की खेप तैयार करता था।
क्राइम ब्रांच की टीम के हाथ लगे नाम
क्राइम ब्रांच टीम के जांच अधिकारियों के पास शहर के कुछ रसूखदारों के नाम भी लगे हैं जो तस्करों के संपर्क में लगातार थे। तस्कर अपने नेटवर्क के जरिए ही इन न रसूखदारों से संपर्क करते थे और जरूरत के मुताबिक ड्रग्स की खेप पहुंचाते थे। कुछ व्यावसायियों और रिटायर्ड अफसर के करीबियों के साथ ही राजनीतिक रसूख रखने वाले भी इन तस्करों के संपर्क में थे। जल्द ही जांच टीम इन रसूखदारों के नाम उजागर कर सकती है। फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए इन रसूखदारों के नामों का खुलासा करने से अधिकारी बच रहे हैं। मोबाइल कॉल डिटेल में कई चैट और फोटो पहले ही मिल चुके हैं।
सनव्बर की तलाश कर रहे थे मिल गया शकीर
ड्रग्स तस्करों से पूछताछ के दौरान कई जानकारी सामने आई है। सनव्बर की तलाश जांच टीम कर रही थी इसी दौरान टीम के हाथ शाकिर लग गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार एमडी ड्रग्स तस्कर सनव्बर सोनिया कॉलोनी ऐशबाग का रहने वाला है। यासीन मछली गिरोह से जुड़ा हुआ है। यासीन मछली और अन्य तस्करों के खिलाफ जब कार्रवाई की गई तो सनव्बर फरार हो गया। सनव्बर को भोपाल से फरार कराने में उसके छोटे भाई शाकिर ने मुख्य भूमिका निभाई थी। शाकिर को शुक्रवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
बैरक के कोने में बैठ कर रो रहा यासीन
ड्रग्स तस्कर का मास्टर माइंड डीजे यासीन अहमद उर्फ मछली और उसके चाचा शाहवर को भोपाल जेल में अलग अलग बैरक में रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक जेल से निकलने के लिए दोनों छटपटा रहे हैं, लेकिन क्राइम ब्रांच टीम ने उनके खिलाफ पक्के सबूत जुटाए हैं। हाईप्रोफाइल लोगों से घिरा रहने वाला यासीन अब जेल की बैरक के एक कोने में बैठकर रो रहा है। जेल कर्मियों की चौकस निगाह उस पर बनी हुई है।
जांच की जा रही है
एमडी ड्रग्स तस्करी के मामले की जांच हर पहलु पर की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आ रहे हैं उनके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
– शैलेंद्र सिंह चौहान, एडिशनल डीसीपी, क्राइम ब्रांच भोपाल







