समर्थ मिशन के तहत पराली से ऊर्जा उत्पादन पर एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित
कार्यशाला में 200 से अधिक किसानों ने सहभागिता की

जबलपुर, यशभारत। नेशनल मिशन बायोमास (समर्थ) द्वारा प्रायोजित एवं राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान (एनपीटीआई), शिवपुरी के तत्वावधान में किसानों, पेलेट निर्माताओं, लघु किसान समूहों एवं उद्यमियों के लिए एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन होटल कल्चुरी रेजिडेंसी में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य पराली जलाने से होने वाले पर्यावरण प्रदूषण को रोकना तथा पराली से विद्युत उत्पादन हेतु पेलेट निर्माण के लिए किसानों को जागरूक करना रहा।

कार्यशाला में 200 से अधिक किसानों, लघु किसान समूहों, उद्यमियों एवं बैंक कर्मियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. मिश्रा, सीईए सदस्य (थर्मल) प्रवीण गुप्ता, मिशन समर्थ के डायरेक्टर रवि प्रकाश अग्रवाल, एनपीटीआई के महानिदेशक हेमंत जैन, प्रधान निदेशक डॉ. इंदु माहेश्वरी, कृषि विज्ञान केंद्र प्रमुख डॉ. रश्मि शुक्ला, एनपीटीआई शिवपुरी प्रमुख डॉ. चित्तोष भट्टाचार्य सहित कृषि विभाग एवं मिशन समर्थ के अधिकारी उपस्थित रहे।

वक्ताओं ने किसानों को मिशन समर्थ की रूपरेखा, पराली के वैकल्पिक उपयोग, बायोमास से ऊर्जा उत्पादन एवं इससे किसानों की आय बढ़ाने की संभावनाओं की जानकारी दी। मिशन समर्थ के अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार का यह अभियान पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को कम करने, थर्मल पावर उत्पादन के कार्बन फुटप्रिंट को घटाने और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम का संचालन रत्नेश्वरम कृष्णम, सहायक निदेशक एनपीटीआई शिवपुरी द्वारा किया गया। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने पराली को बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित करने और पर्यावरण संरक्षण में किसानों की भूमिका पर विशेष जोर दिया।







